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Ranchi News: पंचशील नगर में जलजमाव पर नगर निगम सख्त; 23 अवैध निर्माणों को नोटिस, 10 करोड़ की लागत से बनेगा नाला

राजधानी रांची के पंचशील नगर में हर साल होने वाली जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने खुद मौके पर जाकर निरीक्षण किया और पाया कि क्षेत्र में अतिक्रमण और जलाशय क्षेत्र में अवैध निर्माण पानी के प्राकृतिक बहाव को पूरी तरह बाधित कर रहे हैं। निगम ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए 23 भवन मालिकों को नोटिस जारी कर दिया है।

📋 अवैध निर्माणों पर कानूनी शिकंजा

निरीक्षण में सामने आया कि कई भवन नालियों और जल निकासी के मार्गों पर बने हुए हैं। नगर निगम ने इन 23 भवन मालिकों को सात दिनों का समय दिया है कि वे अपने स्वीकृत भवन मानचित्र और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करें। यदि दस्तावेज संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, तो झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 और भवन उपविधि 2016 के तहत इन संरचनाओं को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

🏗️ 10 करोड़ की लागत से होगा स्थायी समाधान

केवल अतिक्रमण हटाना ही नहीं, बल्कि निगम ने जल निकासी व्यवस्था को मजबूती देने के लिए 10 करोड़ रुपये की आरसीसी (RCC) नाली निर्माण परियोजना (DPR) को भी मंजूरी दी है। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना को मानसून से पहले धरातल पर उतारा जाए। साथ ही, एक उच्चस्तरीय समिति का भी गठन किया गया है जो क्षेत्र के भूगोल और जल तंत्र का अध्ययन कर स्थायी समाधान का खाका तैयार करेगी।

📢 नगर निगम की अपील और निगरानी

नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने लगातार दो दिनों तक क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने निगम की इंजीनियरिंग शाखा को युद्धस्तर पर काम करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, रांची के नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे नालियों और जल निकासी मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें और कचरा न फेंकें, ताकि मानसून में शहर की जीवनरेखा सुचारू बनी रहे।

संपादकीय टिप्पणी: शहरों में प्राकृतिक जल निकासी मार्गों पर हो रहे अतिक्रमण एक गंभीर समस्या है। क्या आपको लगता है कि भविष्य में जलजमाव को रोकने के लिए ‘सख्त निर्माण उपविधि’ (Building By-laws) का पालन कराना ही इकलौता समाधान है? अपने विचार नीचे साझा करें।