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Maiya Samman Yojana Fraud: सिमडेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा; पुरुष ने महिलाओं के नाम पर हड़पे 30 हजार, FIR दर्ज

झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मंईयां सम्मान योजना’ में सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक पुरुष द्वारा महिलाओं के नाम पर फर्जीवाड़ा कर करीब एक साल तक सम्मान राशि का लाभ उठाने का खुलासा हुआ है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी युवक और प्रज्ञा केंद्र संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

🔍 डोर-टू-डोर सत्यापन में हुआ खुलासा

यह फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब योजना के तहत डोर-टू-डोर सत्यापन अभियान चलाया जा रहा था। जांच में पता चला कि टिनगीना निवासी पंकज नाग ने गलत तरीके से योजना का लाभ लिया है। आरोपी ने जून 2025 से मार्च 2026 तक हर महीने 2500 रुपये की राशि अपने खाते में प्राप्त की। इस प्रकार उसने कुल 30 हजार रुपये की सरकारी राशि का गबन किया।

💻 प्रज्ञा केंद्र संचालक की भूमिका और कार्रवाई

जलडेगा बीडीओ डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि मामले में आरोपी पंकज नाग के साथ-साथ पियोसोकरा निवासी प्रज्ञा केंद्र संचालक कुमार चाणक्य को भी नामजद किया गया है। जांच में यह सामने आया कि चाणक्य ने अपनी सीएससी (CSC) आईडी पंकज नाग को उपयोग करने के लिए दी थी, जिसके जरिए फर्जी आवेदन भरा गया था। प्रशासन ने टिनगीना पंचायत के तत्कालीन सचिव से भी स्पष्टीकरण मांगा है।

⚖️ रिकवरी और बैंक खाता होल्ड

जलडेगा थाना में कांड संख्या 33/26 दर्ज कर विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने त्वरित एक्शन लेते हुए आरोपी से 30 हजार रुपये की रिकवरी कर राशि नजारत में जमा करा दी है और संबंधित बैंक खाते को भी होल्ड कर दिया गया है। मामले की गहन जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है।

संपादकीय टिप्पणी: सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक ही पहुँचे, इसके लिए समय-समय पर सोशल ऑडिट और सत्यापन बेहद जरूरी है। क्या आपको लगता है कि प्रज्ञा केंद्र संचालकों की जिम्मेदारी तय करने के लिए और अधिक सख्त नियम होने चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।