राष्ट्रपति पुतिन और कासिम जोमार्ट तोकायेब की बैठक
एजेंसियां
मॉस्कोः रूस ने गुरुवार को कजाकिस्तान के साथ उसका पहला वाणिज्यिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाने के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए एक बड़ी भू-राजनीतिक और आर्थिक जीत माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन और कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव के बीच अस्ताना में हुई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के दौरान इस 16.5 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट पर मुहर लगी। इस परियोजना की कुल लागत का लगभग 85 फीसद हिस्सा रूसी निर्यात ऋण के जरिए वित्तपोषित किया जाएगा।
रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम दक्षिण-पूर्वी कजाकिस्तान में बाल्खाश झील के किनारे उल्केन गाँव के पास इस संयंत्र के निर्माण का नेतृत्व करेगी। इस मुख्य निर्माण अनुबंध को हासिल करने की दौड़ में रोसाटॉम ने चीन की चीन नेशनल न्यूक्लियर कॉर्प, फ्रांस की ईडीएफ और कोरिया हाइड्रो एंड न्यूक्लियर पावर जैसी दिग्गज कंपनियों को पछाड़ दिया है।
पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बीच, यह समझौता पूर्व सोवियत देशों में अपना आर्थिक और भू-राजनीतिक प्रभाव मजबूत करने के रूस के प्रयासों को सीधे तौर पर आगे बढ़ाता है। वर्ल्ड न्यूक्लियर एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, कजाकिस्तान दुनिया का सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश है।
कजाकिस्तान के लिए यह संयंत्र दीर्घकालिक घरेलू ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करने के उद्देश्य से बेहद जरूरी है, क्योंकि वह पिछले दो दशकों से भी अधिक समय से कोयले पर निर्भर अपने पुराने बुनियादी ढांचे और बिजली की भारी किल्लत से जूझ रहा है।
हस्ताक्षर समारोह के दौरान राष्ट्रपति तोकायेव ने कहा, बाल्खाश परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण को लेकर आज हुआ समझौता एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। वहीं पुतिन ने इस सौदे को शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और अग्रणी परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र के शुरू होने से कजाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की ऊर्जा आपूर्ति में बड़ा योगदान मिलेगा, जिससे व्यवसायों और आम परिवारों को सस्ती व स्वच्छ ऊर्जा मिल सकेगी। पुतिन ने आगे जोड़ा, हम कजाकिस्तान के राष्ट्रपति के साथ इस बात पर सहमत हुए हैं कि यह सिर्फ एक परमाणु संयंत्र बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हम शिक्षा और कर्मियों के प्रशिक्षण सहित एक पूरे परमाणु उद्योग को खड़ा करने की बात कर रहे हैं।