Baloda Bazar Elephant Attack: बारनवापारा अभयारण्य में दंतैल हाथी का तांडव; ग्रामीण को कुचला, मौके पर ही मौत
बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र में एक खतरनाक दंतैल हाथी की मौजूदगी अब स्थानीय ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। रविवार रात को जंगली हाथी के अचानक किए गए जानलेवा हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद से पूरे वन्यजीव क्षेत्र और आसपास के रिहायशी इलाकों में भयंकर दहशत और सन्नाटे का माहौल पसर गया है। इस वीभत्स घटना के तुरंत बाद एक्शन में आए वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के कई संवेदनशील गांवों में हाई अलर्ट (High Alert) जारी कर दिया है।
दूसरी ओर, स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पिछले चार दिनों से लगातार वन अमले को हाथी के मूवमेंट और रिहायशी बस्तियों की तरफ बढ़ने की सटीक जानकारी देने के बावजूद विभाग द्वारा सुरक्षा के पर्याप्त और पुख्ता इंतजाम समय रहते नहीं किए गए, जिसकी कीमत एक मासूम ग्रामीण को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
🐘 अचानक दंतैल हाथी के सामने आ गया जहरु राम: रात के अंधेरे में पटक-पटक कर मार डाला, गांव में मची चीख-पुकार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम दोंद का रहने वाला जहरु राम नेताम (उम्र लगभग 55 वर्ष) रविवार रात को अपने गांव के बाहरी इलाके के पास मौजूद था। इसी दौरान घने जंगलों से निकलकर आए दंतैल हाथी से उसका अचानक आमना-सामना हो गया। चश्मदीदों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, रात करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच जब चारों तरफ अंधेरा था, तब हाथी ने जहरु राम पर हिंसक हमला बोल दिया।
हाथी ने जहरु राम को सूंड में लपेटकर जमीन पर पटक दिया और कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। रात के सन्नाटे में हाथी के चिंघाड़ने और ग्रामीण की चीख सुनकर इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही हाथी थोड़ा दूर हटा, ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर तुरंत वन विभाग के आला अधिकारियों को इस अनहोनी की जानकारी दी, जिसके बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम भारी सुरक्षा बलों के साथ मौके पर पहुंची।
😡 चार दिनों से मुरुमडीह इलाके में मंडरा रहा था खतरा: आक्रोशित ग्रामीणों ने वन अमले की सुस्ती पर उठाए कड़े सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद वन चौकी के सामने ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह दंतैल हाथी पिछले चार दिनों से लगातार मुरुमडीह और उससे सटे कृषि क्षेत्रों में खुलेआम घूम रहा था और फसलों को नुकसान पहुंचा रहा था। ग्रामीणों ने इसके बारे में कई बार मौखिक और लिखित रूप से वन विभाग की बीट टीम को सचेत किया था।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग ने समय रहते हाथी को खदेड़ने या गांवों की सीमाओं पर कड़ा पहरा बिठाने की व्यवस्था की होती, तो आज जहरु राम हमारे बीच जीवित होते। घटना के बाद अब वन विभाग और स्थानीय हाथी मित्र दल (Elephant Mitras) पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। वन विभाग बलौदाबाजार की विशेष क्विक रिस्पॉन्स टीम लगातार थर्मल कैमरों और वायरलेस सिस्टम के जरिए हाथी की लाइव लोकेशन ट्रैक कर रही है। घटना को अंजाम देने के बाद दंतैल हाथी फिलहाल खलिहानों के रास्ते होते हुए वापस घने पहाड़ी क्षेत्र की ओर बढ़ गया है, जिस पर टीम लगातार ड्रोन कैमरों से नजर बनाए हुए है।
⚠️ बारनवापारा के 10 से ज्यादा गांवों में हाई अलर्ट घोषित: इन संवेदनशील क्षेत्रों में वन विभाग ने रात को जाने से रोका
हाथी की अप्रत्याशित और संभावित आवाजाही को देखते हुए वन मंडल अधिकारी ने बारनवापारा और बलौदाबाजार के सीमावर्ती 10 से अधिक गांवों में तत्काल प्रभाव से हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जिन गांवों को विशेष रूप से सुरक्षित रहने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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मुड़पार और दोंद
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सुरबाय और पांडादाह
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गुढ़ागढ़ और भिभौरी
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बफरा, बार और हरदी
इसके अलावा बारनवापारा अभयारण्य की सीमा से लगे अन्य सभी छोटे टोले और मजरे शामिल हैं। वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा इन सभी गांवों में ट्रैक्टर और लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार मुनादी (घोषणा) कराई जा रही है और लोगों से सुरक्षात्मक रवैया अपनाने की अपील की जा रही है।
📋 डीएफओ धम्मशील गणवीर की आम जनता से विशेष अपील: आपात स्थिति में तुरंत इन नंबर्स पर दें सूचना
बलौदाबाजार के डीएफओ (DFO) धम्मशील गणवीर ने वन्यजीव सुरक्षा और जनहानि को रोकने के लिए ग्रामीणों से अत्यधिक सतर्क रहने की भावुक अपील की है। उन्होंने बताया कि विभाग का आधुनिक अर्ली वॉर्निंग अलर्ट सिस्टम पूरी तरह काम कर रहा है और मुनादी के जरिए हर घंटे की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है। वन विभाग ने जनता के लिए निम्नलिखित कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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दूरी बनाए रखें: यदि कहीं भी हाथी दिखाई दे, तो उसके करीब जाने या सेल्फी लेने की कोशिश बिल्कुल न करें।
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न उकसाएं: हाथी को देखने के बाद शोर मचाकर, पटाखे फोड़कर या पत्थर मारकर उसे किसी भी हालत में उकसाने की कोशिश न करें, इससे वह हिंसक हो सकता है।
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जंगल जाने पर रोक: अल सुबह या देर शाम को अकेले सूखी लकड़ियां या महुआ बीनने जंगल व हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कतई न जाएं।
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तुरंत करें सूचित: किसी भी आपातकालीन स्थिति या हाथी के दिखने पर तुरंत नजदीकी वन चौकी, हाथी मित्र दल या विभागीय हेल्पलाइन नंबर पर लाइव सूचना दें।
💸 पीड़ित परिवार को तत्काल 25 हजार की अंतरिम सहायता राशि: शासन के नियमों के तहत मिलेगा पूरा मुआवजा
इस दुखद घड़ी में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मृतक जहरु राम के शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। विभाग की ओर से त्वरित राहत पहुंचाते हुए मृतक के परिजनों को अंतिम संस्कार और तात्कालिक खर्चों के लिए ₹25,000 की अंतरिम नकद सहायता राशि मौके पर ही प्रदान की गई है।
डीएफओ ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि इस कागजी प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास और वन्यजीव क्षतिपूर्ति नियमों के अनुसार मिलने वाली शेष पूरी मुआवजा राशि (₹6 लाख) भी अगले कुछ दिनों के भीतर सीधे पीड़ित परिवार के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। फिलहाल, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और वन विभाग की टीम मुस्तैदी से जंगल में डटी हुई है।