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Balrampur Road Accident: बलरामपुर में रफ्तार का कहर; ईंट लदे ट्रैक्टर से टकराई बाइक, पंडो जनजाति के 4 युवकों की मौत

बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से रफ्तार के कहर और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक हादसे की खबर सामने आई है। जिला मुख्यालय के अंतर्गत आने वाले सनावल थाना इलाके के पीपरपान गांव में एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल की सीधी भिड़ंत सड़क पर खड़े ईंट लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली से हो गई। इस भीषण सड़क दुर्घटना में बाइक पर सवार पंडो जनजाति के 4 होनहार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

यह दर्दनाक हादसा रविवार की शाम को घटित हुआ। सनावल थाना पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, सभी मृतक युवक रविवार देर शाम पास के डिंडो साप्ताहिक बाजार से खरीदारी करने के बाद एक ही बाइक पर सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में पीपरपान गांव के पास उनकी तेज रफ्तार बाइक सीधे ईंट से लदे ट्रैक्टर से जा टकराई।

🏹 संरक्षित पंडो जनजाति के एक ही परिवार के थे चारों चचेरे भाई: अस्पताल लाने से पहले ही थमी सांसें, घरों में पसरा मातम

टक्कर इतनी भीषण और जोरदार थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और बाइक पर बैठे चारों युवक हवा में उछलते हुए सड़क पर दूर जाकर बेसुध होकर गिर पड़े। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए चारों लहूलुहान युवकों को नजदीकी शासकीय अस्पताल पहुंचाया।

वहां मौजूद डॉक्टरों ने गहनता से चारों युवकों की नब्ज टटोली, जिसके बाद भारी मन से बताया कि चारों युवकों की अस्पताल लाने से पहले ही रास्ते में ही मौत हो चुकी है। मृतक सभी युवक राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले विशेष संरक्षित पंडो जनजाति के थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद उनके पूरे परिवार और समाज में गहरा मातम छा गया है। दिल दहला देने वाली बात यह है कि सभी मृतक एक ही बड़े परिवार के सदस्य थे और आपस में सगे चचेरे भाई थे। मालूम हो कि पंडो जनजाति के लोगों की आबादी बेहद कम है और इन्हें छत्तीसगढ़ की अति संरक्षित जनजातियों में गिना जाता है।

📋 डिंडो-सनावल मुख्य मार्ग पर उजड़ गए हंसते-खेलते परिवार: जानिए हादसे में जान गंवाने वाले चारों मासूमों के नाम

डिंडो-सनावल मुख्य मार्ग पर हुए इस भीषण सड़क हादसे में असमय काल के गाल में समा जाने वाले चारों नवयुवकों की पहचान पुलिस प्रशासन द्वारा कर ली गई है, जो इस प्रकार है:

  • रमेश पंडो, उम्र 19 साल

  • मनोज पंडो, उम्र 21 साल

  • नरेश पंडो, उम्र 19 साल

  • राकेश पंडो, उम्र 18 साल

सनावल थाना प्रभारी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि चारों चचेरे भाई अपनी बाइक पर सवार होकर डिंडो साप्ताहिक बाजार से घर वापसी कर रहे थे, तभी यह जानलेवा हादसा हुआ। सभी शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें पोस्टमार्टम (Post Mortem) के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया गया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर चालक प्रेमचंद यादव के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित कानून की अलग-अलग गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। हादसे के तुरंत बाद आरोपी ट्रैक्टर ड्राइवर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा।

😡 स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश, पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग: फरार ट्रैक्टर ड्राइवर की तलाश में पुलिस

इस भीषण और दर्दनाक हादसे के बाद पूरे पीपरपान और सनावल क्षेत्र में गहरा आक्रोश और शोक की लहर व्याप्त है। घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों ने पुलिस के आला अधिकारियों को बताया कि ट्रैक्टर चालक द्वारा बिना किसी इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर के सड़क के बीचों-बीच ईंट से लदा ट्रैक्टर खड़ा किया गया था, जिसकी लापरवाही के चलते ही यह भयानक दुर्घटना घटी।

क्रोधित ग्रामीणों का कहना है कि इस भीषण आर्थिक और मानसिक आघात को देखते हुए पीड़ित आदिवासी परिवार को शासन की तरफ से तत्काल उचित मुआवजा (Financial Relief) मिलना चाहिए। साथ ही, उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि फरार लापरवाह ड्राइवर को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए। स्थानीय पुलिस ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया है।