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Chirmiri Ram Katha: चिरमिरी में गूंजा ‘जय श्रीराम’; रामकथा में शामिल हुए सीएम विष्णुदेव साय, जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने सुनाया राम-सीता विवाह प्रसंग

एमसीबी: छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिला अंतर्गत चिरमिरी के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित भव्य और ऐतिहासिक नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दौरान बुधवार को एक बेहद मनोहारी और अलौकिक प्रसंग का आयोजन किया गया। कथा के मुख्य केंद्र बिंदु के रूप में भगवान श्री राम और जगत जननी माता जानकी के दिव्य विवाह प्रसंग (Ram Sita Vivah) का सजीव चित्रण किया गया। इस पावन अवसर पर कथा स्थल पर हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय, राममय और आनंदित नजर आया। इस ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान में विशेष रूप से शामिल होने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहुंचे, जहां उन्होंने व्यासपीठ और उपस्थित संत समाज का पूरे विधि-विधान से वंदन-अभिनंदन करते हुए समस्त प्रदेशवासियों के सुख-सरल जीवन, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की।

👑 रामकथा सुनने पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय: पंडाल में गूंजे “जय श्रीराम” के नारे, सीएम ने ननिहाल में संतों का किया स्वागत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अचानक कथा स्थल पर आगमन को लेकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला कथा स्थल पर पहुंचा, पूरा विशाल पंडाल “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारों से लंबे समय तक गूंजता रहा। सीएम साय ने मुख्य मंच पर जाकर पूजा-अर्चना की और भगवान श्रीराम के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि प्रभु राम के विवाह प्रसंग की इस पावन कथा में शामिल होना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “आज मुझे प्रभु के विवाह उत्सव का साक्षी बनने का पुण्य मिला है। मैं पूरे छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से पूज्य कथा व्यास का कोटि-कोटि अभिनंदन करता हूं और माता कौशल्या की इस पावन भूमि यानी प्रभु श्रीराम के ननिहाल में पधारे देशभर के सभी पूजनीय संतों का आत्मीय स्वागत करता हूं।”

🛑 “धर्मांतरण छत्तीसगढ़ के माथे पर एक बड़ा कलंक है”—धार्मिक मूल्यों के संरक्षण पर मुख्यमंत्री का अब तक का सबसे सख्त बयान

कथा के मंच से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सूबे के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को लेकर एक बेहद कड़ा और नीतिगत बयान भी दिया। उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक सनातन मूल्यों के संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ की मूल संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और आस्था की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसमें कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने राज्य में हो रहे अवैध मतांतरण पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “धर्मांतरण हमारे शांत प्रदेश के लिए एक बड़ा कलंक है। हमारी सरकार द्वारा इसे पूरी तरह से जड़ से उखाड़ने और रोकने के लिए राज्य में एक बेहद सख्त और प्रभावी कानून लागू किया गया है, जिससे अब किसी भी प्रकार के अवैध और जबरन धर्मांतरण पर पूरी तरह से रोक लगेगी।” मुख्यमंत्री के इस कड़े और स्पष्ट बयान का पंडाल में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने दोनों हाथ उठाकर और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ जोरदार स्वागत और समर्थन किया।

🏹 जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य की वाणी से बहा रस: शिव धनुष भंग और सीता स्वयंवर का भावपूर्ण वर्णन सुन भावविभोर हुए भक्त

इस ऐतिहासिक कथा के मुख्य वाचक प्रख्यात विद्वान और जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज ने अपनी ओजस्वी और दिव्य वाणी से भगवान श्रीराम और माता जानकी के विवाह प्रसंग का अत्यंत सुंदर, शास्त्रीय और भावपूर्ण वर्णन किया। त्रेतायुग की तर्ज पर जनकपुरी की अनुपम सजावट, सीता स्वयंवर का कौतूहल, मर्यादा पुरुषोत्तम द्वारा भगवान शिव के पिनाक (धनुष) का भंग किया जाना और उसके बाद चारों भाइयों के विवाह समारोह का ऐसा जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया कि उपस्थित श्रद्धालु आनंद के आंसुओं के साथ भावविभोर हो उठे। विवाह प्रसंग के मुख्य मोड़ पर पंडाल में उपस्थित महिलाओं ने पारंपरिक मांगलिक वैवाहिक गीत (सोहर और गारी) गाए और पूरे स्टेडियम में श्रद्धालुओं द्वारा फूलों की भारी पुष्प वर्षा कर प्रभु श्रीराम एवं माता जानकी के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की गई।

✨ फूलों और लाइटों से सलीके से सजाया गया लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम: चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रही पुलिस, कई दिग्गज नेता रहे मौजूद

इस महा-आयोजन के लिए चिरमिरी के प्रसिद्ध लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम को रंग-बिरंगी आधुनिक रोशनी, झंडियों और सुगंधित विदेशी फूलों से बेहद भव्य और राजसी रूप में सजाया गया था। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक और कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरे मुस्तैद रहे। देर रात तक हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण, भजनों की प्रस्तुति और कीर्तन के आनंद में डूबे रहे। आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में भी श्रीराम कथा के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रसंगों का वाचन जगद्गुरु द्वारा किया जाएगा।

इस गरिमामयी अवसर पर सूबे के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, वरिष्ठ विधायक व पूर्व मंत्री भैया लाल राजवाड़े, भाजपा जिलाध्यक्ष चम्पा देवी पावले सहित बड़ी संख्या में संभाग के जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता और आम श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति द्वारा मुख्यमंत्री एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय व भव्य स्वागत किया गया।