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Dhar Bhojshala High Security: भोजशाला आदेश के बाद धार में पहला शुक्रवार आज; RAF की कंपनियां तैनात, चप्पे-चप्पे पर बैरिकेडिंग

धार: मध्य प्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला को लेकर देश के कानून और सुरक्षा व्यवस्था की आज सबसे बड़ी परीक्षा है। शुक्रवार को होने वाली विशेष महाआरती से ठीक पहले जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने पूरे क्षेत्र की सतर्कता को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया है। शहर की संवेदनशीलता को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर कड़ी बैरिकेडिंग की गई है, नए पिकेट पॉइंट स्थापित किए गए हैं और खुफिया तंत्र के साथ-साथ सोशल मीडिया सेल को पूरी तरह एक्टिव कर दिया गया है। माननीय उच्च न्यायालय (MP High Court) के भोजशाला मामले में आए हालिया ऐतिहासिक आदेश के बाद धार शहर में शांति, सांप्रदायिक सौहार्द, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का राज बनाए रखने के लिए खाकी वर्दी पूरी तरह मुस्तैद और एक्शन मोड में नजर आ रही है।

🪖 उच्च न्यायालय के फैसले के बाद 22 मई का पहला शुक्रवार: नागरिकों में सुरक्षा का भाव जगाने के लिए पुलिस ने निकाला ‘तिरंगा मार्च’

उच्च न्यायालय द्वारा भोजशाला परिसर पर दिए गए बड़े फैसले के बाद आज यानी 22 मई को पहला शुक्रवार पड़ रहा है। इस अति-संवेदनशील दिन के दौरान पूरे धार शहर में अमन-चैन कायम रहे और किसी भी स्तर पर कोर्ट के निर्देशों का रत्ती भर भी उल्लंघन ना हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। आम नागरिकों के मन से डर दूर करने, सुरक्षा का अटूट भाव जगाने और शहर की फिजा बिगाड़ने की फिराक में बैठे असामाजिक तत्वों को सीधा व कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त अगुवाई में गुरुवार को धार के सभी मुख्य और अंदरूनी मार्गों से एक विशाल शांति मार्च (फ्लैग मार्च) निकाला गया। इस मार्च के दौरान सैकड़ों की संख्या में पुलिस जवान अपने हाथों में राष्ट्रध्वज ‘तिरंगा’ थामे देश प्रेम और आपसी सौहार्द का संदेश देते नजर आए।

🛡️ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की विशेष कंपनियां तैनात: 1500 जवानों के सशस्त्र बल ने संभाला मोर्चा, मुस्लिम क्षेत्रों में विशेष गश्त जारी

धार की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से अभेद्य और अचूक बनाने के लिए पूरे शहरी और ग्रामीण सीमा क्षेत्र में लगभग 1500 से अधिक सशस्त्र जवानों का भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस विशेष बल में स्थानीय जिला पुलिस के साथ-साथ दंगों से निपटने में माहिर ‘रैपिड एक्शन फोर्स’ (RAF) की दो विशेष कंपनियां और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की टुकड़ियां शामिल की गई हैं। शहर के सभी प्रमुख चौराहों, मुख्य धार्मिक स्थलों, संवेदनशील पॉकेट्स और विशेष रूप से मिश्रित व मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में अत्यधिक सतर्कता बरतते हुए कड़ा फ्लैग मार्च निकाला गया। इन चुनिंदा संवेदनशील इलाकों में दंगा नियंत्रण वाहनों के साथ सुरक्षा बल लगातार 24 घंटे लाइव गश्ती कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या तनाव को सिर उठाने से पहले ही तुरंत कुचला जा सके।

🤝 आपसी भाईचारा और गंगा-जमुनी सौहार्द बनाए रखने की अपील: एसपी सचिन शर्मा बोले—’कोर्ट के आदेश का कराएंगे कड़ाई से पालन’

ऐतिहासिक भोजशाला में नमाज पढ़ने की मांग और उसके बाद पैदा हुए नए घटनाक्रम के बाद धार शहर का पूरा माहौल पूरी तरह से शांतिपूर्ण और नियंत्रण में बना रहे, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी दिन-रात जमीन पर पसीना बहा रहे हैं। पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने धर्मगुरुओं और शांति समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने, शांति, आपसी भाईचारा और पारंपरिक सौहार्द बनाए रखने की पुरजोर अपील की है।

इस संवेदनशील सुरक्षा व्यवस्था पर धार पुलिस अधीक्षक (SP) सचिन शर्मा ने कड़े शब्दों में कहा कि, “माननीय उच्च न्यायालय द्वारा भोजशाला मामले पर जो वैधानिक आदेश दिया गया है, उसका हमलोग जमीनी स्तर पर अक्षरशः और कड़ाई से पालन कराएंगे। शहर की सुरक्षा के लिए लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है और किसी भी प्रकार का उपद्रव करने, कानून हाथ में लेने या सोशल मीडिया पर भड़काऊ अफवाह फैलाने की कोशिश करने वालों को चिन्हित कर सीधे जेल भेजा जाएगा।”