तीन सौ कैदियों को अब रिहा किया जाएगा
एजेंसियां
काराकास: वेनेजुएला की नेशनल असेंबली (संसद) के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने मंगलवार को एक बड़ा नीतिगत ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि देश की विभिन्न जेलों से सोमवार और शुक्रवार के बीच कुल 300 कैदियों को रिहा किया जाएगा। इस बड़े कदम को वेनेजुएला की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और प्रशासनिक सुधारों के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
संसदीय प्रमुख द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, रिहा होने वाले कैदियों के इस समूह में विभिन्न श्रेणियों के लोगों को शामिल किया गया है। इसमें विशेष रूप से तीन ऐसे पुलिस अधिकारी शामिल हैं जो साल 2003 से ही लगातार हिरासत में हैं। इनके अलावा गंभीर बीमारियों और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे कैदियों तथा 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग बंदियों को भी मानवीय आधार पर इस रिहाई सूची में जगह दी गई है।
जॉर्ज रोड्रिगेज, वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेलसी रोड्रिगेज के भाई हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में यह साफ नहीं किया है कि जिन 300 लोगों को रिहा किया जा रहा है, क्या वे इस साल फरवरी में संसद द्वारा पारित किए गए एमनेस्टी कानून के दायरे में आते हैं या नहीं।
वेनेजुएला में कैदियों की रिहाई का यह मुद्दा हमेशा से बेहद संवेदनशील रहा है। वेनेजुएला की सरकार लगातार इस बात से इनकार करती रही है कि उसके पास कोई राजनीतिक कैदी है। सरकार का हमेशा से यह कड़ा रुख रहा है कि जेलों में बंद सभी लोगों ने कानून के तहत अपराध किए हैं, और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सजा दी गई है।
हालिया समय में वेनेजुएला की सत्ता संरचना में आए बड़े बदलावों के बाद से देश की नई प्रशासनिक व्यवस्था पर कैदियों को रिहा करने का अंतरराष्ट्रीय दबाव भी रहा है। मानवाधिकार संगठनों और विपक्षी दलों की मांग के बीच सरकार ने इसे शांति और राष्ट्रीय सह-अस्तित्व की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में पेश करने की कोशिश की है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की क्रमिक रिहाइयों के जरिए अंतरिम सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और विशेष रूप से अमेरिका के साथ अपने नए राजनयिक व आर्थिक संबंधों को सुधारने के लिए एक कूटनीतिक संकेत दे रही है। फिलहाल, कैदियों के परिवारों और मानवाधिकार समूहों ने इस घोषणा का स्वागत किया है, लेकिन वे पूरी प्रक्रिया और पारदर्शिता पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।