जालंधर: जालंधर सेंट्रल से आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, रमन अरोड़ा द्वारा अपनी सुरक्षा (Security) वापस देने का ऐलान किया गया है। इसे लेकर उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा की है, जिसके बाद पंजाब की सियासत में हलचल पैदा हो गई है। विधायक ने स्पष्ट किया है कि वे अब सरकारी गनमैन के साथ नहीं रहना चाहते।
🚩 पुलिस प्रशासन पर लगाया आरोप: धार्मिक कार्यक्रम रोकने पर जताई नाराजगी
रमन अरोड़ा ने कहा कि जिस पुलिस द्वारा जालंधर में ‘बालाजी की चौकी’ का धार्मिक कार्यक्रम नहीं होने दिया जा रहा, वह उस पुलिस को अपने साथ नहीं रखना चाहते। उन्होंने बताया कि वह हर साल श्रद्धा के साथ बालाजी की चौकी करवाते हैं, पर इस साल रंजिश के चलते प्रशासन द्वारा इसे नहीं होने दिया जा रहा है। इसी विरोध स्वरूप उन्होंने अपनी सुरक्षा वापस करने का निर्णय लिया है।
⚖️ पुराना विवाद: विजिलेंस की कार्रवाई और दोबारा मिली सुरक्षा का घटनाक्रम
गौरतलब है कि साल 2025 में विजिलेंस द्वारा भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के आरोप में जालंधर सेंट्रल के विधायक रमन अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी। करीब डेढ़ साल के लंबे अंतराल और कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें दोबारा गनमैन देकर सुरक्षा मुहैया कराई गई थी, जिसे अब उन्होंने खुद ही त्यागने का फैसला किया है।
💬 सियासत में हलचल: फेसबुक पोस्ट के बाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चा
विधायक की इस घोषणा के बाद जालंधर पुलिस और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। रमन अरोड़ा ने अपनी पोस्ट के जरिए सीधे तौर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करता है या विधायक के इस कदम के बाद सरकार की ओर से कोई हस्तक्षेप किया जाता है।