सशस्त्र समूहों का आपसी संघर्ष और तेज होता जा रहा है
एजेंसियां
त्रिपोलीः लिबिया की सबसे बड़ी चालू तेल रिफाइनरी ज़विया को सशस्त्र समूहों के बीच जारी भीषण लड़ाई के कारण बंद कर दिया गया है और वहां आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। नेशनल ऑयल कॉर्पोरेशन और ज़विया रिफाइनिंग कंपनी ने परिचालन को एहतियाती तौर पर रोकने की घोषणा की और तेल परिसर व बंदरगाह से कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
एनओसी ने सभी कर्मचारियों की सुरक्षा की पुष्टि की है और आश्वासन दिया है कि ईंधन की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रहेगी। फेसबुक पर जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि शुक्रवार तड़के तेल परिसर के आसपास भारी हथियारों से शुरू हुई झड़पों के बाद खतरे के सायरन बजा दिए गए थे। कंपनी ने बताया कि झड़पों के दौरान कई भारी हथियारों के गोले परिसर के भीतर गिरे, हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
बयान में आगे कहा गया, लड़ाई अब रिफाइनरी के पास के आवासीय क्षेत्र तक पहुंच गई है, जिससे यह क्षेत्र सीधे तौर पर गोलाबारी का निशाना बन रहा है और आगे नुकसान का जोखिम काफी बढ़ गया है। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, राजधानी त्रिपोली के पश्चिम में स्थित ज़विया के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने आपराधिक समूहों के खिलाफ एक बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है।
अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन हत्या, अपहरण, जबरन वसूली, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल आपराधिक ठिकानों और वांछित व्यक्तियों को लक्षित कर रहा है। वीडियो में रिफाइनरी के भीतर विस्फोट, गोलीबारी और कारों व सुविधाओं को नुकसान पहुंचते देखा गया है।
त्रिपोली से लगभग 40 किमी पश्चिम में स्थित इस रिफाइनरी की क्षमता 1,20,000 बैरल प्रतिदिन है और यह देश के महत्वपूर्ण शरारा तेल क्षेत्र से जुड़ी हुई है। साल 2011 में मुअम्मर गद्दाफी के पतन के बाद से लिबिया लगातार हिंसा और दो प्रतिद्वंद्वी सरकारों के बीच सत्ता संघर्ष से जूझ रहा है।