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उज्बेक लड़ाकों की धरपकड़ और बढ़ता तनाव

सीरियाई सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई

एजेंसियां

लंदनः सीरियाई सुरक्षा बलों ने उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में एक बड़े सुरक्षा अभियान के दौरान कई उज्बेक लड़ाकों को हिरासत में लिया है। दो सीरियाई सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब एक उज्बेक लड़ाके से जुड़े विवाद ने उग्र रूप ले लिया और सरकारी सुरक्षा केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन होने लगे।

अधिकारियों और स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के मुताबिक, तनाव की शुरुआत तब हुई जब प्रशासन ने इडलिब शहर में गोलीबारी करने के आरोपी एक उज्बेक लड़ाके को गिरफ्तार करने की कोशिश की। इसके विरोध में हथियारबंद उज्बेक लड़ाकों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और अपने साथी की रिहाई की मांग की। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर सीरियाई आंतरिक मंत्रालय ने तत्काल कोई जवाब नहीं दिया है।

यह घटना सीरिया की वर्तमान इस्लामवादी नेतृत्व वाली सरकार के सामने एक बड़ी और संवेदनशील चुनौती को रेखांकित करती है। सरकार अब उन विदेशी जिहादियों पर राजकीय अधिकार स्थापित करने का प्रयास कर रही है, जो 2011 के गृहयुद्ध के दौरान सीरिया में लड़ने आए थे। इनमें से कई लड़ाकों ने राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के नेतृत्व वाले समूह के साथ मिलकर या उसके हिस्से के रूप में युद्ध लड़ा था। गौरतलब है कि अल-शरा ने 2016 में अल-कायदा से अपने संबंधों को पूरी तरह विच्छेद कर लिया था।

स्थानीय सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने इडलिब के ग्रामीण इलाकों, विशेष रूप से कफ्राय और अल-फुआ शहरों में छापेमारी कर उन उज्बेक लड़ाकों को निशाना बनाया जिन्होंने विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। इन क्षेत्रों में सैन्य कुमक और काफिले तैनात किए गए हैं, जहाँ रुक-रुक कर गोलीबारी की आवाजें भी सुनी गईं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने लड़ाकों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले साल सीरियाई सुरक्षा स्रोत ने बताया था कि सीरिया में लगभग 1,500 उज्बेक लड़ाके मौजूद हैं, जिनमें से कई अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में सीरियाई सरकारी बलों और विदेशी उग्रवादियों के बीच यह दूसरी बड़ी मुठभेड़ है। इससे पहले पिछले अक्टूबर में तुर्की सीमा के पास फ्रांसीसी जिहादी उमर डायबी (उमर ओम्सेन) के नेतृत्व वाले कैंप को लेकर भी भारी तनाव देखा गया था।