Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ujjain Crime: उज्जैन पुलिस की बड़ी कामयाबी; 20 ट्रैक्टर चुराकर बेचने वाला 'महाचोर' गिरफ्तार, पाताल स... Chhatarpur Road Accident: छतरपुर में दो भीषण सड़क हादसों में 5 की मौत; ट्रक ने पिता और 3 साल के मासू... Salim Dola Deported: दाऊद का करीबी सलीम डोला तुर्की में गिरफ्तार; एक 'फेक पासपोर्ट' ने खोल दी पोल, भ... Himachal Panchayat Election 2026: हिमाचल में पंचायत चुनावों का बिगुल बजा; चुनाव आयोग ने तैनात किए 41... Social News: जब चार बेटों ने छोड़ा साथ, तो बेटियों ने दिया मां की अर्थी को कंधा; मुखाग्नि देकर निभाय... Jaunpur News: जौनपुर में दूल्हे की हत्या का खुलासा; दुल्हन का रिश्तेदार ही निकला कातिल, बारात रोककर ... Jyeshtha Mah 2026: ज्येष्ठ माह शुरू; बड़ा मंगल से लेकर शनि जयंती तक, जानें इस महीने के प्रमुख व्रत-त... iPhone Comparison 2026: iPhone 15, 16 या iPhone 17? जानें इस साल कौनसा मॉडल खरीदना है आपके लिए बेस्ट Ek Din Box Office: आमिर खान के बेटे की फिल्म का बुरा हाल; पहले दिन 1 करोड़ के लिए भी तरसी, 'लवयापा' ... Accident News: सेल्फी के चक्कर में उजड़ गए तीन घर! बांध में डूबने से 3 दोस्तों की दर्दनाक मौत, रेस्क...

H5N1 Outbreak: कर्नाटक में मोरों पर बर्ड फ्लू का हमला! 44 की मौत से मचा हड़कंप, सरकार ने जारी की एडवायजरी

कर्नाटक के तुमकुरु जिले में बड़ी संख्या में मोरों की मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है. जांच रिपोर्ट में इन मोरों के एच5एन1 बर्ड फ्लू वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है. प्रशासन ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है.

जानकारी के अनुसार तुमकुरु जिले में 16 अप्रैल से लगातार मोरों की मौत की घटनाएं सामने आ रही थीं. खेतों और खुले इलाकों में मृत मोर मिलने के बाद वन विभाग ने उनके नमूने जांच के लिए भोपाल स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान की प्रयोगशाला भेजे थे. जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मोरों की मौत एच5एन1 बर्ड फ्लू वायरस के संक्रमण से हुई है. अब तक एक सप्ताह के भीतर 44 से अधिक मोरों की मौत हो चुकी है.

इस गांव में सामने आए सबसे अधिक मामले

बताया जा रहा है कि केसरामदु, हीरेहाली और गुलूर ग्राम पंचायत क्षेत्रों में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं. इसके बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है. वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं.

मुख्य वन संरक्षक कुमार पुष्कर ने बताया कि सुरक्षा उपायों के तहत पोल्ट्री फार्म संचालकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. सभी पोल्ट्री फार्मों में निगरानी बढ़ा दी गई है और संक्रमण रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.

अलर्ट पर अस्पताल

स्वास्थ्य विभाग ने भी एहतियातन अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है. अस्पतालों को पीपीई किट, मास्क, दवाइयों और जांच किट का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं प्रशासन के अनुसार 23 अप्रैल के बाद से किसी मोर के मौत की सूचना नहीं मिली है.