Gurugram Crime: ‘किसे करती हो वीडियो कॉल?’ शक में पति ने पत्नी सोनम की गला घोंटकर की हत्या, फिर खुद भी की खुदकुशी
हरियाणा के गुरुग्राम में पत्नी की हत्या और फिर पति के सुसाइड मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि पति दीपक को पिछले करीब छह महीनों से अपनी पत्नी सोनम के व्यवहार पर शक था. मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच में यह भी सामने आया कि सोनम की एक अज्ञात नंबर पर लगातार बातचीत होती थी और वाट्सऐप पर लंबी वीडियो कॉलिंग भी होती थी. इस वजह से दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था, हालांकि सोनम हर बार इन आरोपों से इनकार करती थी.
घटना वाले दिन, रविवार (19 अप्रैल) को दीपक अलवर से गुरुग्राम पहुंचा. उस समय सोनम रसोई में खाना बना रही थी और साथ ही किसी से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी. दीपक को देखते ही उसने कॉल काट दी और मोबाइल देने से भी मना कर दिया. इससे दीपक का शक और गुस्सा दोनों बढ़ गए. गुस्से में आकर उसने पीछे से सोनम की चुन्नी पकड़ ली और उसका गला घोंट दिया. बताया जा रहा है कि इस दौरान सोनम के हाथ में रोटी थी, जो वहीं जमीन पर गिर गई.
दो बाल्टियों की मदद से फंदा बनाया
मर्डर के बाद दीपक दूसरे कमरे में गया और दो बाल्टियों की मदद से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना का मानवीय पहलू बेहद संवेदनशील है. दंपति का छह साल का बेटा इस पूरी घटना से अनजान है और फिलहाल अपने मौसा-मौसी के पास रह रहा है. वह बार-बार अपने माता-पिता के बारे में पूछता है, लेकिन परिजन उसे सच नहीं बता पा रहे हैं.
घटना का खुलासा तब हुआ जब सोनम की बहन संगीता ने शाम को उसे फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उसने अपनी 14 वर्षीय बेटी को घर भेजा. जब वह घर के अंदर पहुंची, तो उसने किचन में सोनम को मृत अवस्था में देखा और चीख उठी. उस समय बच्चा घर में ही टीवी देख रहा था. उसने बताया कि उसके माता-पिता के बीच झगड़ा हो रहा था, इसलिए वह बाहर चला गया था.
किचन में पड़ा था सोनम का शव
पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों के शव अलग-अलग स्थानों पर मिले. सोनम किचन में पड़ी थी जबकि दीपक फंदे से लटका हुआ था. फॉरेंसिक टीम ने मौके से मोबाइल फोन, चुन्नी और फंदा कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है. फिलहाल पुलिस इस मामले में लव ट्राएंगल के एंगल से भी जांच कर रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
दोनों मूल रूप से राजस्थान के अलवर के रहने वाले थे और आठ साल पहले प्रेम विवाह किया था. परिजनों की नाराजगी के चलते वे गुरुग्राम आकर बस गए थे. दीपक टैक्सी चलाता था, जबकि सोनम एक निजी कंपनी में काम करती थी. पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों का अंतिम संस्कार अलवर में एक ही चिता पर किया गया.