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फिर से भोज के दिन कोहड़ा रोपना चालू

रांची के जल निकायों के निरीक्षण का काम अब प्रारंभ

  • एनआईयूए ने नदियों का दौरा किया

  • सुधार के लिए जागरुकता का नारा

  • पूरे साल तक किसी ने नहीं की पहल

राष्ट्रीय खबर

रांचीः नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स की एक टीम रांची पहुँची। इस टीम का उद्देश्य रांची नगर निगम क्षेत्र के भीतर विभिन्न नदियों और जल निकायों का व्यापक क्षेत्रीय अध्ययन और स्थल निरीक्षण करना था। यह सर्वेक्षण नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान विकसित करने के लिए गंगा बेसिन के उन 60 शहरों में रांची के चयन के बाद किया जा रहा है, जिन्हें इस योजना के लिए नामित किया गया है। दूसरी तरफ रांची की नवनिर्वाचित मेयर इनदिनों अपने काम काज के बदले उदघाटन समारोहों पर अधिक ध्यान दे रही हैं और जहां तहां फीता काट रही हैं।

बता दें कि इस यूआरएमपी का मुख्य उद्देश्य नगर निगम सीमा के भीतर आने वाले सभी जल निकायों का समग्र संरक्षण और पुनरुद्धार सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत हरमू नदी, स्वर्णरेखा नदी के शहरी हिस्सों और शहर की प्रमुख झीलों व तालाबों के कायाकल्प को प्राथमिकता दी जाएगी। इस प्रबंधन ढांचे को वर्तमान में एनआईयूए और स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय मिशन द्वारा तैयार किया जा रहा है, जिसमें विश्व बैंक तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है।

निरीक्षण के बाद, नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में एक बहु-हितधारक कार्य समूह की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान गौरव ने कहा, शहर के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकारी विभागों और आम जनता दोनों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन जल निकायों का स्थायी संरक्षण काफी हद तक मानवीय व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने पर निर्भर करता है। यानी तमाम लोग फिर से सारी जिम्मेदारी आम जनता पर डालकर अपने काम की सूचना सरकारी खाते में दर्ज कर गये।