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पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर का तेहरान दौरा

युद्धविराम की वार्ता को आगे बढ़ाने की दिशा में पहल जारी

एजेंसियां

तेहरान: मध्य पूर्व में गहराते सैन्य संकट और ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के बीच, पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका में उभर रहा है। एक उच्च स्तरीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल बुधवार शाम ईरान की राजधानी तेहरान पहुँचा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच ठप पड़ी बातचीत को दोबारा शुरू करना है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच हुआ वर्तमान नाजुक युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है, जिससे कूटनीतिक गलियारों में बेचैनी बढ़ गई है।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जनरल मुनीर अपने साथ वाशिंगटन से एक विशेष संदेश लेकर आए हैं। उनका प्राथमिक लक्ष्य इस्लामाबाद में हुए पिछले दौर की वार्ता की विफलताओं को दूर कर वार्ता के दूसरे चरण के लिए आधार तैयार करना है।

रविवार को इस्लामाबाद में हुई पहले दौर की वार्ता किसी ठोस नतीजे पर पहुँचे बिना समाप्त हो गई थी, जिसके बाद अब समय की कमी को देखते हुए प्रयासों में तेजी लाई गई है। इस कूटनीतिक मोर्चे पर केवल सैन्य नेतृत्व ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान का नागरिक प्रशासन भी सक्रिय है। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी भी इस मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तेहरान में हैं। वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के चार दिवसीय दौरे पर हैं, जहाँ वे क्षेत्रीय साझेदारों को इस शांति प्रक्रिया में शामिल करने और अमेरिका पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

पाकिस्तान की यह डिप्लोमैटिक ब्लिट्ज़ (राजनयिक सक्रियता) ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान की आपसी समुद्री नाकाबंदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को संकट में डाल दिया है। इस युद्ध में अब तक ईरान में लगभग 3,000 लोग मारे जा चुके हैं और संघर्ष के पूरे मध्य पूर्व में फैलने का खतरा बना हुआ है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की सर्वोच्च प्राथमिकता 22 अप्रैल की समयसीमा से पहले युद्धविराम को बढ़वाना है ताकि बातचीत के लिए और समय मिल सके।

तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों ने शांति की उम्मीद जगाई है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने हाल ही में कहा कि दुनिया को अद्भुत दो दिनों के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि ईरान के साथ युद्ध समाप्ति के करीब है। उन्होंने जनरल मुनीर द्वारा वार्ता के संचालन के प्रयासों की भी सराहना की। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने भी पुष्टि की है कि अगले दौर की वार्ता इस्लामाबाद में होने की प्रबल संभावना है और अमेरिका एक स्थायी समझौते की संभावनाओं को लेकर उत्साहित है। हालांकि, इन कूटनीतिक वार्ताओं के समानांतर, अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि कोई अंतिम समझौता धरातल पर नहीं उतर जाता।