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इजरायली दूतावास पर हमले में 200 गिरफ्तारियां

तुर्किए की सरकार ने कड़ी कार्रवाई जारी रखी है

एजेंसियां

इस्तांबुलः इस्तांबुल में इजरायली वाणिज्य दूतावास के बाहर हुई गोलीबारी के एक दिन बाद तुर्की के सुरक्षा बलों ने देशव्यापी छापेमारी कर लगभग 200 लोगों को गिरफ्तार किया है। न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने बुधवार को यह जानकारी साझा की।

गुरलेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया कि अधिकारियों ने आतंकवादी संगठन दाएश (इस्लामिक स्टेट समूह का दूसरा नाम) के खिलाफ 34 प्रांतों में एक साथ चलाए गए अभियान में 198 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को वाणिज्य दूतावास के बाहर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में एक बंदूकधारी मारा गया था और दो अन्य घायल हो गए थे, जबकि इस दौरान दो पुलिस अधिकारी भी मामूली रूप से घायल हुए।

न्याय मंत्रालय के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में से 12 को मुकदमे से पहले हिरासत में भेज दिया गया है। इनमें अस्पताल में भर्ती दो घायल बंदूकधारी भी शामिल हैं। हालांकि, मंगलवार की इस गोलीबारी की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी समूह ने नहीं ली है।

तुर्की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मारा गया बंदूकधारी 32 साल का व्यक्ति था जिसका संबंध इस्लामिक स्टेट से था। गृह मंत्रालय ने बताया कि उस व्यक्ति के तार एक आतंकवादी संगठन से जुड़े थे, जबकि घायल हुए दो अन्य हमलावर भाई थे और उनका संबंध मादक पदार्थों की तस्करी से था। गोलीबारी के फुटेज में एक हमलावर स्वचालित राइफल से लैस, बेज रंग की कार्गो पैंट पहने और पीठ पर बैग लटकाए नजर आया।

अधिकारियों ने बताया कि हमलावर इस्तांबुल से करीब 86 किलोमीटर दूर इजमित से किराए की गाड़ी में आए थे। चश्मदीदों के अनुसार, यह मुठभेड़ कम से कम 10 मिनट तक चली। यह घटना इस्तांबुल के यूरोपीय हिस्से में स्थित लेवेंट बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में हुई। गोलीबारी के समय मिशन में कोई भी इजरायली राजनयिक मौजूद नहीं था, क्योंकि 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हमास के हमलों के बाद से अधिकांश को वहां से निकाल लिया गया था। इजरायल ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस तरह की हरकतों से डरने वाला नहीं है, वहीं तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने इस विश्वासघाती हमले की निंदा की और हर तरह के आतंकवाद से लड़ने का संकल्प लिया।