Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
रांची के कांके रोड पर बेकाबू ट्रैक्टर का तांडव: आधा दर्जन बाइक-स्कूटी को रौंदा, एक गंभीर रूप से घायल जौनपुर की शाहजहां बानो बनीं 'प्रतीक्षा': सनातन धर्म अपनाकर बरेली के आश्रम में प्रेमी पवन संग रचाया व... गुरुग्राम के सूरत नगर में MNC कर्मचारी की संदिग्ध हालात में मौत, फंदे से लटकता मिला शव बरेली दहेज हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला, 5 साल के मासूम की गवाही पर ससुर दोषमुक्त मंदसौर में घर की सीढ़ियों पर बैठा दिखा विशालकाय मगरमच्छ! चीख पड़ी महिला, वन विभाग ने रेस्क्यू कर चंब... बिहार में रेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार: 976 करोड़ की लागत से दानापुर-फतुहा के बीच बिछेगी नई रेल लाइन,... देश में मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासत तेज, राज ठाकरे का दावा— "सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ ... मानसून का रौद्र रूप! यूपी, बिहार समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली में तूफानी हवाओं की... संसद के मानसून सत्र का आधा सफर पूरा, आखिरी 9 दिनों में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें पीएम मोदी ने मैसूर में किया 'विवेक स्मारक' का उद्घाटन: बोले- "भारतीय युवाओं के सामर्थ्य से तेजी से ब...

सीनेटर मर्कले ने कहा सेना आदेश नहीं माने

डोनाल्ड ट्रंप के युद्धोन्माद का अब देश के भीतर विरोध

एजेंसियां

वाशिंगटनः अमेरिकी सीनेटर जेफ मर्कले ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नागरिक बुनियादी ढांचे पर बमबारी करने की हालिया धमकी की कड़े शब्दों में निंदा की है। ओरेगन से डेमोक्रेटिक सीनेटर मर्कले ने सोमवार को अमेरिकी सैन्य कर्मियों और नेतृत्व से उन आदेशों को मानने से इनकार करने का आग्रह किया जो युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं। उन्होंने ट्रंप के इस रुख को एक अनैतिक पागल व्यक्ति की अभिव्यक्ति बताया।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने ईस्टर संडे के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट किया। ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी कि यदि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला, तो वह ईरान के पावर प्लांट और पुलों को नष्ट कर देंगे। गौरतलब है कि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई, तो ईरान नर्क जैसी स्थिति का सामना करेगा।

सीनेटर मर्कले ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध है। उन्होंने सैन्य नेताओं को याद दिलाया कि वे कानूनी रूप से ऐसे किसी भी आदेश को अस्वीकार करने के लिए बाध्य हैं जो मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय युद्ध नियमों का उल्लंघन करते हों। सीनेटर क्रिस मर्फी ने भी इस चिंता का समर्थन करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान लेने और नागरिक संपत्तियों को नष्ट करने से संकट का समाधान नहीं होगा, बल्कि यह केवल अपराध की श्रेणी में आएगा।

इसके अतिरिक्त, सौ से अधिक अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने एक खुला पत्र जारी कर अमेरिकी अधिकारियों की बयानबाजी पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इन विशेषज्ञों, जिनमें पूर्व सरकारी कानूनी सलाहकार और सैन्य कानून विशेषज्ञ शामिल हैं, का तर्क है कि बिना किसी आसन्न खतरे के ईरान पर हमला करना संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कांग्रेस की अनुमति के बिना युद्ध की शुरुआत करना अमेरिकी संविधान के विरुद्ध है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की धमकियां न केवल नागरिकों को नुकसान पहुँचाती हैं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं।