Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
शिवपुरी न्यूज़: 'न भगवान रहेंगे, न कसम खानी पड़ेगी', बार-बार की कसमों से तंग युवक ने कुएं में फेंकी ... Ujjain Mahakal Mandir: महाकाल मंदिर के बेहतर प्रबंधन के लिए बनेंगे 5 नए न्यास; प्रबंध समिति की बैठक ... Lokayukta Raid: 80 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए तीन बाबू; लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई से मचा ह... Relationship Murdered: रिश्ते हुए शर्मसार! फूफा ने भतीजी के साथ किया गलत काम; 5 माह की गर्भवती हुई म... MP Cabinet Meeting Today: एमपी कैबिनेट की बड़ी बैठक आज; किसानों को बोनस देने की तैयारी, इन प्रस्तावो... Nitesh Rane Relief: नितेश राणे को बड़ी राहत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने जेल की सजा पर लगाई रोक Moradabad News: मासूम बच्ची के कत्ल मामले में कातिल को उम्रकैद; अफेयर और बदले की खूनी दास्तां का कोर... Rahul Gandhi on Election Results: असम-बंगाल में हार के बाद भड़के राहुल गांधी; बोले- 'चुनाव और संस्था... IPL 2026 Playoff Scenarios: क्या मुंबई इंडियंस अभी भी पहुंच सकती है प्लेऑफ में? जानिए बाकी 4 मैचों क... Aly Goni: अली गोनी ने पूरा किया बचपन का वादा; हज यात्रा के लिए रवाना हुए माता-पिता, भावुक हुए एक्टर

Assam Election News: ‘आदिवासियों का न्याय राजनीति से ऊपर’—टिनखोंग में गरजे हेमंत सोरेन, चाय बागान मजदूरों के हक में उठाई आवाज

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को एक्स पोस्ट के जरिए कहा, ‘असम की धरती में एक ऐसा सच दबा दिया गया है, जिसे जितना कहा जाए या, सबको बताया जाए, उतना कम है. असम के चाय बागानों में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी समाज को आज तक एसटी का संवैधानिक दर्जा नहीं मिला. यह सामान्य चूक नहीं है, यह राष्ट्रीय स्तर का अन्याय है. एक ऐसा अन्याय, जिसे इतिहास कभी माफ नहीं करेगा.’

उन्होंने कहा कि सोचिए, जिन लोगों को अंग्रेजों ने उनके घरों से दूर लाकर इस मिट्टी से बांध दिया, जिन्होंने अपने खून-पसीने से असम की अर्थव्यवस्था खड़ी की, उन्हीं को आज तक उनके अस्तित्व की मान्यता नहीं दी गई.

आदिवासी समाज का दर्द नहीं कम हुआः हेमंत सोरेन

आजादी के बाद भी दशकों तक सरकारें बदलती रहीं, नेतृत्व बदलता रहा लेकिन इस समाज का दर्द नहीं बदला. सबसे पीड़ादायक बात यह है कि जिन्होंने बड़े-बड़े वादे किए, उन्होंने भी इस मुद्दे को अपनी प्राथमिकता नहीं बनाया. यहां तक कि सत्ता में बैठी पार्टियों ने भी इसे अपने घोषणापत्र तक में जगह नहीं दी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि क्या यह सवाल नहीं उठना चाहिए कि आखिर एक पूरे समाज को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित क्यों रखा गया?

जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है

हेमंत सोरेन ने इसे राजनीति से ऊपर का मुद्दा बताते हैं कहा कि यह न्याय, सम्मान और पहचान का सवाल है. असम के आदिवासी समाज को अब और इंतजार नहीं कराया जा सकता. उन्हें उनका पूरा अधिकार मिलना ही चाहिए, संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए. अब समय आ गया है कि देश इस अन्याय को स्वीकार करे और उसे ठीक करे, क्योंकि जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है.

टिंगखोंग विधानसभा क्षेत्र में की चुनावी सभा

झारखंड के मुख्यमंत्री एवं झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने आज टिंगखोंग विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा कर झामुमो उम्मीदवार के लिये वोट मांगा. उन्होंने कहा कि असम का एकजुट शोषित, वंचित, आदिवासी, दलित और पिछड़ा समाज इस बार अपने हक-अधिकार के लिए वोट करेगा.

अन्य विधानसभा क्षेत्रों में तीर-धनुष (जेएमएम) प्रतीक को जैसा अविस्मरणीय समर्थन मिल रहा है उसी तरह टिंगखोंग विधानसभा की जनता भी तीर-धनुष की ताकत के साथ झामुमो उम्मीदवार महावीर बास्के को भारी मतों से विजयी बनाएगी.

आदिवासी समाज अपना हक लेकर रहेगाः हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन ने कहा कि सुना है विरोधियों द्वारा यहां के लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है. यदि ऐसा है तो उनको मैं बता देना चाहता हूं कि अब यह सब चलने वाला नहीं है, क्योंकि अब असम का शोषित, वंचित और आदिवासी समाज एकजुट हो चुका है और वह लड़कर अपना अधिकार लेकर रहेगा.