ईडी की चुनाव चाल पर फिर से अदालती अड़ंगा
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गुरुग्राम की जमीन से जुड़ा है मामला
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हर चुनाव के वक्त यह जाग जाता है
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बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः शनिवार को राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा और सात अन्य लोगों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अदालत इस पर अपना फैसला 15 अप्रैल को सुनाएगी। यह पूरा मामला शिकोहपुर, गुरुग्राम के भूमि सौदे से जुड़ा हुआ है।
विशेष न्यायाधीश सुशांत चांगोत्रा ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू की जवाबी दलीलों को सुनने के बाद यह आदेश सुरक्षित रखा। एएसजी राजू ने सीबीआई की प्राथमिकी और ईडी की चार्जशीट के बीच समय के अंतराल के सवाल पर भी अपनी बात रखी।
एएसजी राजू ने अदालत में तर्क दिया कि जब तक मूल अपराध की एफआईआर बनी रहती है, तब तक अनुसूचित अपराध भी अस्तित्व में रहता है। उन्होंने कहा, अनुसूचित अपराध तब तक बना रहता है जब तक कि आरोपी को मूल अपराध से बरी या मुक्त नहीं कर दिया जाता। चूँकि एफआईआर अभी तक रद्द नहीं हुई है, इसलिए ईडी का मानना है कि संज्ञान लेने के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है।
इससे पहले 13 दिसंबर, 2025 को रॉबर्ट वाड्रा और अन्य प्रस्तावित आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत और प्रतीक के. चड्ढा ने दलीलें पेश की थीं। बचाव पक्ष का मुख्य तर्क यह था कि प्रस्तावित आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता क्योंकि कोई मूल अपराध साबित नहीं हुआ है। उनके वकील ने कहा, चूँकि कोई मूल अपराध नहीं है, इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग का भी सवाल नहीं उठता। ऐसी स्थिति में, अदालत ईडी की शिकायत पर संज्ञान नहीं ले सकती।
राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने पिछले साल 2 अगस्त को रॉबर्ट वाड्रा और अन्य प्रस्तावित आरोपियों को नोटिस जारी किया था। यह नोटिस संज्ञान लेने से पहले के चरण में आरोपियों का पक्ष सुनने के लिए जारी किया गया था। अब सबकी निगाहें 15 अप्रैल को आने वाले अदालत के फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही किस दिशा में जाएगी।