पहले से चली आ रही चर्चा अब सामने आने लगी है
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पार्टी से दूरी बनाकर चल रहे थे वह
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पार्टी की रणनीति में बदलाव के संकेत
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पंजाब से राज्यसभा सांसद बनाये गये
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) ने अपनी संसदीय रणनीति में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला बदलाव करते हुए राज्यसभा सचिवालय को औपचारिक पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से पार्टी ने राघव चड्ढा को उच्च सदन में उपनेता के पद से तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है। आप का यह कदम केवल पद परिवर्तन तक सीमित नहीं है; पार्टी ने सचिवालय से यह कड़ा अनुरोध भी किया है कि राज्यसभा में पार्टी के निर्धारित कोटे से राघव चड्ढा को बोलने का समय आवंटित न किया जाए। यह निर्देश संकेत देता है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और चड्ढा के बीच दूरियां अब सार्वजनिक रूप ले चुकी हैं।
सत्ता के गलियारों में पिछले काफी समय से यह चर्चा गर्म थी कि चड्ढा और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच सामंजस्य की कमी हो रही है। सूत्रों के अनुसार, वह पिछले कुछ महीनों से पार्टी के महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रमों और रणनीतिक बैठकों से नदारद देखे जा रहे थे। राज्यसभा में उनके स्थान पर अब पंजाब से सांसद अशोक मित्तल को नया उपनेता बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। पार्टी ने सचिवालय से इस नियुक्ति को जल्द से जल्द आधिकारिक रूप देने का आग्रह किया है। वर्तमान में, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सदस्य हैं, जिनमें सात पंजाब और तीन दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हैं।
राघव चड्ढा का पार्टी में सफर काफी प्रभावशाली रहा है। वह 2012 में अन्ना आंदोलन के बाद आप की स्थापना के समय से ही अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगियों में शामिल थे। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट चड्ढा ने दिल्ली लोकपाल बिल के मसौदे पर काम करके अपनी पहचान बनाई थी। वह पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय प्रवक्ता और 2015 में सबसे कम उम्र के कोषाध्यक्ष बने।
हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें दक्षिण दिल्ली से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजेंद्र नगर सीट से शानदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्हें पंजाब से राज्यसभा भेजा गया, जहाँ उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ पार्टी के पक्ष को मजबूती से रखा। लेकिन वर्तमान घटनाक्रम ने उनके राजनीतिक भविष्य और पार्टी में उनकी स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।