Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Mandla Crime: मंडला में रिश्तों का कत्ल! पिता के साथ मिलकर बेटे ने की मां की हत्या, रोंगटे खड़े कर दे... Ishaan Khatter Video: रेस्टोरेंट से बाहर निकलते ही गिराई कॉफी, सफेद पैंट हुई खराब तो पैपराजी के सामन... NSA Ajit Doval Riyadh Visit: अजीत डोभाल ने रियाद में सऊदी विदेश मंत्री और क्राउन प्रिंस के करीबियों ... Bank Holiday Today: अक्षय तृतीया के बाद आज भी बंद रहेंगे बैंक? जानें 20 अप्रैल को किन राज्यों में रह... Motorola Edge 70 Pro Launch: 22 अप्रैल को लॉन्च होगा मोटोरोला का नया फोन, 6500mAh बैटरी और 144Hz डिस... PBKS vs LSG: श्रेयस अय्यर ने छोड़े इतने कैच की टोपी से छिपाना पड़ा मुंह, शर्मिंदगी का VIDEO सोशल मीड... Chardham Yatra 2026: अक्षय तृतीया के शुभ योग में शुरू हुई चारधाम यात्रा; जानें केदारनाथ-बद्रीनाथ के ... Chatra News: चतरा में दर्दनाक हादसा, तालाब में डूबने से मां और दो बेटियों की मौत; चंद मिनट में उजड़ ... Police Action: SP की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हंसना ASI को पड़ा भारी, अनुशासनहीनता के आरोप में ... Postmaster Suicide: सट्टे के कर्ज में डूबे पोस्टमास्टर ने दोस्त के घर दी जान, लेनदारों के दबाव में ख...

मुंबई के डब्बावाले 30 मार्च से छह दिनों की छुट्टी पर

देश की अलग पहचान वालों की सेवाएं निलंबित रहेंगी

राष्ट्रीय खबर

मुंबई: अपनी सटीकता और समयबद्धता के लिए विश्व विख्यात मुंबई के डब्बावाले 30 मार्च से 4 अप्रैल तक छह दिनों के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। घर का बना गरमा-गरम खाना दफ्तरों तक पहुँचाने वाले इन लंचबॉक्स करियर की सेवाएं सोमवार से बंद रहेंगी। यह वार्षिक अवकाश उनके पैतृक गांवों में होने वाली वार्षिक तीर्थयात्राओं और स्थानीय ग्राम देवताओं के उत्सवों के कारण लिया गया है।

मुंबई की जीवनरेखा माने जाने वाले ये डब्बावाले मुख्य रूप से पश्चिमी महाराष्ट्र के क्षेत्रों जैसे मावल, मुल्शी, अंबेगांव, जुन्नर, खेड़, अकोला और संगमनेर के निवासी हैं। हर साल ये कर्मचारी अपने मूल गांवों में लौटते हैं ताकि अपने कुल देवताओं और ग्राम देवी-देवताओं की पारंपरिक धार्मिक पूजा और सामुदायिक आयोजनों में भाग ले सकें।

डब्बावाला एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तालेकर ने बताया कि यह निर्णय उनकी लंबी परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा, हम पिछले 135 वर्षों से अधिक समय से मुंबई की सेवा कर रहे हैं। हम पुणे जिले के पश्चिमी हिस्सों से आते हैं और हर साल अपने देवताओं की पूजा के लिए यह समय निकालते हैं। डब्बावालों की अनुपस्थिति से मुंबई के उन हजारों कामकाजी पेशेवरों पर असर पड़ने की उम्मीद है, जो अपने व्यस्त कार्यदिवसों के दौरान ताजे भोजन के लिए इस कुशल वितरण प्रणाली पर निर्भर रहते हैं।

वेतन कटौती न करने की अपील: एसोसिएशन ने ग्राहकों और नियोक्ताओं से मानवीय आधार पर अपील की है कि वे इस छुट्टी के लिए डब्बावालों के वेतन में कटौती न करें। उन्होंने इस सांस्कृतिक अवसर के महत्व को समझने और सहयोग करने का आग्रह किया है।

मुंबई के डब्बावाले अपनी कार्यक्षमता के लिए वैश्विक स्तर पर जाने जाते हैं और वे साल भर में शायद ही कभी अपनी सेवाएं रोकते हैं। यह वार्षिक अवकाश उन गिने-चुने अपवादों में से एक है, जो उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ा है। सुभाष तालेकर ने ग्राहकों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि 5 अप्रैल से सेवाएं फिर से पूरी तत्परता के साथ शुरू हो जाएंगी।