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Som Pradosh Vrat 2026: मार्च का आखिरी सोम प्रदोष व्रत आज, शाम को जलाएं यह विशेष दीपक, महादेव करेंगे हर मनोकामना पूरी

Deep Daan Significance: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी 30 मार्च को सोम प्रदोष व्रत रखा जा रहा है. हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है, खासतौर पर जब यह सोमवार के दिन पड़ता है तो इसका फल कई गुना बढ़ जाता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत में सुबह की पूजा जितनी महत्वपूर्ण होती है, उससे कहीं अधिक महत्व प्रदोष काल (शाम का समय) की पूजा का होता है.

शास्त्रों के अनुसार, सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय प्रदोष काल कहलाता है. माना जाता है कि इस समय महादेव कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं और माता पार्वती के साथ ब्रह्मांड का कल्याण करते हैं. इसलिए माना गया है इस समय की गई पूजा और दीपदान का फल अनंत गुना बढ़ जाता है.

प्रदोष काल में दीपक जलाने का महत्व

प्रदोष काल में घी का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इस समय एक दीपक भी सच्चे मन से जलाने पर भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों के सभी संकट हर लेते हैं.

  • घी का दीपक अज्ञान के अंधकार को दूर करने का प्रतीक है.
  • यह घर में सकारात्मक ऊर्जा और शांति लाता है.
  • भगवान शिव की कृपा से रोग, दोष और बाधाएं दूर होती हैं.

यहां जलाएं दीपक, मिलेगा विशेष फल

शिवलिंग के सामने

शिवलिंग के सामने घी का दीपक जलाने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं. यह उपाय जीवन में आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद करता है.

घर के मंदिर में

घर के पूजा स्थल में दीपक जलाने से पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.

पीपल के पेड़ के नीचे

यदि संभव हो तो शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं. इससे पितृ दोष और शनि दोष में राहत मिलती है.

मुख्य द्वार पर दीपक

घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं कर पातीं और लक्ष्मी का आगमन होता है.

प्रदोष व्रत की पूजा विधि

पूरे दिन सात्विक आहार या फलाहार करें, शाम के समय फिर से स्नान कर साफ वस्त्र पहनें.भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें,शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करें. घी का दीपक जलाकर आरती करें पूजा के समय मन को शांत रखें और क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें. इस दिन जरूरतमंदों को दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है.

क्या कहते हैं धार्मिक मान्यताएं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन शाम के समय दीपक जलाने से भगवान शिव बहुत प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के जीवन से दुख, दरिद्रता और संकट दूर कर देते हैं. यह व्रत विशेष रूप से ग्रह दोष, मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियों से राहत दिलाने वाला माना गया है.