दक्षिण लेबनान के विलय की मांग कर दी
जेरूशलमः मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच ने एक अत्यंत विवादास्पद बयान देकर क्षेत्रीय संघर्ष को नई हवा दे दी है। सोमवार को एक रेडियो कार्यक्रम के दौरान स्मोट्रिच ने स्पष्ट रूप से कहा कि इजरायल को लेबनान के साथ अपनी सीमा का विस्तार करना चाहिए और लेबनान के काफी अंदर स्थित लितानी नदी तक के क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लेना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायली सेना दक्षिण लेबनान में हवाई हमले और जमीनी कार्रवाई तेज कर चुकी है, जिसमें पुलों को नष्ट किया जा रहा है और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है।
वित्त मंत्री स्मोट्रिच, जो प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की कैबिनेट में एक धुर दक्षिणपंथी पार्टी के नेता हैं, का यह बयान अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत है कि इजरायल का लक्ष्य केवल हिजबुल्लाह को पीछे धकेलना नहीं, बल्कि लेबनानी क्षेत्र पर कब्जा करना भी हो सकता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सैन्य अभियान का अंत केवल हिजबुल्लाह के फैसलों से नहीं, बल्कि इजरायल की सीमाओं में बदलाव के साथ होना चाहिए। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा, नई इजरायली सीमा लितानी नदी होनी चाहिए। हालांकि नेतन्याहू कार्यालय ने इस पर तुरंत कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने भी हाल ही में संकेत दिया था कि यदि हिजबुल्लाह ने हथियार नहीं डाले, तो लेबनान को अपने क्षेत्र से हाथ धोना पड़ सकता है।
लेबनान में इस बयान को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश है। लेबनान का इतिहास इजरायली आक्रमणों और कब्जों से भरा रहा है, विशेष रूप से 1978 से लेकर 2000 तक का लंबा संघर्ष। वर्तमान में, लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि इजरायली हमलों में 1,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और लगभग 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। इजरायल ने लितानी नदी के दक्षिण में रहने वाले सभी निवासियों को इलाका छोड़ने का आदेश दिया है, क्योंकि वह इसे हिजबुल्लाह का गढ़ मानता है। जमीनी हकीकत यह है कि इजरायली सेना ने लितानी नदी पर बने मुख्य पुलों और पारगमन मार्गों को नष्ट कर दिया है, जिससे दक्षिण लेबनान का शेष देश से संपर्क कट गया है।