Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Tamil Nadu Politics: चेन्नई से दिल्ली तक हलचल; एक्टर विजय ने सरकार बनाने के लिए क्यों मांगा कांग्रेस... Delhi Air Pollution: दिल्ली के प्रदूषण पर अब AI रखेगा नजर; दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के बीच MoU साइ... West Bengal CM Update: नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण से पहले कोलकाता पहुंचेंगे अमित शाह; 8 मई को विधाय... West Bengal CM Race: कौन होगा बंगाल का अगला मुख्यमंत्री? सस्पेंस के बीच दिल्ली पहुंचीं अग्निमित्रा प... Crime News: पत्नी से विवाद के बाद युवक ने उठाया खौफनाक कदम, अपना ही प्राइवेट पार्ट काटा; अस्पताल में... Bihar Cabinet Expansion 2026: सम्राट कैबिनेट में JDU कोटे से ये 12 चेहरे; निशांत कुमार और जमा खान के... UP News: 70 साल के सपा नेता ने 20 साल की युवती से रचाया ब्याह; दूसरी पत्नी का आरोप- 'बेटी की उम्र की... प्लास्टिक के कचरे से स्वच्छ ईंधन बनाया MP Govt Vision 2026: मोहन सरकार का बड़ा फैसला; 2026 होगा 'कृषक कल्याण वर्ष', खेती और रोजगार के लिए 2... Wildlife Trafficking: भोपाल से दुबई तक वन्यजीवों की तस्करी; हिरण को 'घोड़ा' और ब्लैक बक को 'कुत्ता' ...

डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से आगे ईरान की बड़ी चेतावनी

अमेरिकी ठिकानों को बिजली देना भी लक्ष्य है

  • जो अमेरिका की मदद करेगा वह शत्रु

  • अमेरिका से जुड़े तमाम ढांचों पर हमला

  • हमने दिखाया है कि क्या कर सकते हैं

दुबईः डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को पूरी तरह तबाह कर देने की धमकी के बाद ईरान ने भी तमाम अरब देशों को आगाह कर दिया है। इससे पूरे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने एक बड़ा बयान जारी करते हुए धमकी दी है कि वह उन सभी बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा जो अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बिजली आपूर्ति कर रहे हैं। ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड की ओर से आया यह बयान खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों को जायज ठहराने की तेहरान की ताजा कोशिश माना जा रहा है। इससे पहले वह अमेरिका की मदद करने वाले देशों के जलशोधन संयंत्रों पर भी हमला करने की चेतावनी दे चुका है।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि यदि उनके देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर कोई आंच आती है, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। बयान में कहा गया, हमने यह निर्णय लिया है कि यदि हमारे बिजली संयंत्रों पर हमला किया गया, तो ईरान जवाबी कार्रवाई के तहत कब्जाधारी शासन (इज़राइल) और उन क्षेत्रीय देशों के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा जो अमेरिकी सैन्य अड्डों को बिजली सप्लाई करते हैं। इसके अलावा, उन सभी आर्थिक, औद्योगिक और ऊर्जा ढांचों को भी तबाह किया जाएगा जिनमें अमेरिकियों की हिस्सेदारी है।

ईरान ने अपनी चेतावनी को और कड़ा करते हुए अंत में जोड़ा, इसमें कोई संदेह न करें कि हम ऐसा करके दिखाएंगे। यह सीधी धमकी न केवल इजराइल के लिए है, बल्कि उन खाड़ी देशों के लिए भी एक बड़ा खतरा है जहाँ अमेरिकी सेना तैनात है। ईरान की यह आक्रामक प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कड़े रुख के बाद आई है, जिसमें उन्होंने रविवार, 22 मार्च 2026 की सुबह ईरान को चेतावनी दी थी। ट्रंप ने दो-टूक शब्दों में कहा था कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी गोलाबारी के कारण समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही इसी तरह बाधित रहती है, तो अमेरिका अगले 48 घंटों के भीतर ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाना शुरू कर देगा।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्ग है। इसके बंद होने या इस क्षेत्र में पूर्ण युद्ध छिड़ने की स्थिति में दुनिया भर में ईंधन की भारी किल्लत हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह धमकी क्षेत्र के अन्य देशों जैसे सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को भी युद्ध की आग में झोंक सकती है, क्योंकि यहाँ मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की बिजली इन्हीं देशों के ग्रिड से जुड़ी है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ट्रंप की समय-सीमा और ईरान की अगली सैन्य गतिविधि पर टिकी हैं।