पाकिस्तान से फोन पर ठगी करने वाले का खुलासा
चंडीगढ़: हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने शनिवार को भारत का अपनी तरह का पहला मोबाइल एप्लिकेशन अभेद्य लॉन्च किया। यह ऐप संदिग्ध धमकी भरे कॉल, रंगदारी के संदेश, स्टॉकिंग और हानिकारक डिजिटल सामग्री को उपयोगकर्ता के फोन तक पहुँचने से पहले ही ब्लॉक करने की क्षमता रखता है। इस ऐप की लॉन्चिंग के दौरान डीजीपी ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया कि साइबर ठगों ने स्वयं उन्हें और उनकी पत्नी को भी अपना निशाना बनाने का प्रयास किया था।
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अजय सिंघल ने बताया कि हाल ही में उन्हें एक कॉल प्राप्त हुई, जिसमें कॉलर आईडी पर एक पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी वाली तस्वीर लगी थी। जब उन्होंने कॉल उठाया, तो सामने वाले व्यक्ति ने धौंस जमाते हुए कहा कि उनके खिलाफ एक अरेस्ट वारंट जारी हुआ है और उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। हालांकि, डीजीपी ने तुरंत गौर किया कि वह नंबर +92 कंट्री कोड से शुरू हो रहा था, जो पाकिस्तान का है।
डीजीपी ने बताया, जैसे ही मैंने उसे टोकते हुए कहा कि यह कॉल पाकिस्तान से आ रही है, कॉलर ने फोन काटने से पहले अभद्र गालियां देनी शुरू कर दीं, जिन्हें मैं यहाँ दोहरा भी नहीं सकता। उन्होंने आगे साझा किया कि कुछ समय बाद उनकी पत्नी को भी इसी तरह की कॉल आई। उन्होंने घबराकर फोन डीजीपी को देते हुए कहा कि कोई पुलिस अधिकारी बार-बार फोन कर रहा है, शायद आपके लिए होगा। डीजीपी ने नंबर देखते ही उन्हें फोन न उठाने की सलाह दी क्योंकि वह भी एक संदिग्ध पाकिस्तानी नंबर था।
हरियाणा में साइबर अपराध के आंकड़े डराने वाले हैं। राज्य में साल 2024 में रंगदारी की 178 और 2025 में 107 कॉल दर्ज की गईं। इसी को देखते हुए अभेद्य ऐप विकसित किया गया है। यह ऐप व्हाट्सएप पर आने वाले अनजान कॉल और संदेशों की निगरानी करता है। यह सिस्टम यह जाँचता है कि क्या नंबर कोई बिना सेव किया हुआ अंतरराष्ट्रीय नंबर (असली या वर्चुअल) है या फिर कोई भारतीय वर्चुअल नंबर है। यदि नंबर संदिग्ध पाया जाता है, तो ऐप तुरंत कॉल को रिजेक्ट कर देता है, नंबर ब्लॉक करता है और उपयोगकर्ता के फोन से नोटिफिकेशन, वॉइस नोट या चैट को पूरी तरह हटा देता है। यह तकनीक आम नागरिकों को डिजिटल ठगी के जाल में फंसने से पहले ही सुरक्षित कर देगी।