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सोमालीलैंड में चीतों को बचाने की जंग जारी

खाड़ी देशों में शौक के लिए तस्करी होती है जानवरों की

गीद दीबलः सोमालीलैंड के गीद दीबल सवाना क्षेत्र में स्थित एक संरक्षित परिसर में 127 चीते रह रहे हैं। ये सभी चीते उस अवैध व्यापार के जीवित गवाह हैं, जिसने इस प्रजाति के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा कर दिया है। चीता कंजर्वेशन फंड द्वारा संचालित इस केंद्र में रहने वाले इन वन्यजीवों को उनकी माताओं से तब अलग कर दिया गया था, जब वे महज शावक थे। इनका गंतव्य खाड़ी देशों के आलीशान महल और निजी चिड़ियाघर थे, जहाँ इन्हें स्टेटस सिंबल या पालतू जानवर के रूप में रखने की मांग रहती है।

वर्तमान में हॉर्न ऑफ अफ्रीका में केवल 600 जंगली चीते बचे होने का अनुमान है, जबकि पूरी दुनिया में इनकी संख्या लगभग 7,000 है। ऐसे में सीसीएफ का यह केंद्र इस क्षेत्र की कुल आबादी के एक बड़े हिस्से को संरक्षण प्रदान कर रहा है। केंद्र के निदेशक क्रिस वेड के अनुसार, बचाव अभियान अक्सर बहुत हृदयविदारक होते हैं। पिछले साल सोमालीलैंड अधिकारियों ने एक तस्करी नौका से 11 शावकों को बचाया था, जो बेहद गंभीर स्थिति में थे। वे निर्जलीकरण और परजीवियों से जूझ रहे थे। गहन चिकित्सा के बावजूद, उनमें से तीन ने तीन दिनों के भीतर दम तोड़ दिया।

चीतों की तस्करी का जाल सोमालीलैंड और पड़ोसी इथियोपिया से शुरू होता है। यहाँ से इन्हें अदन की खाड़ी के रास्ते यमन ले जाया जाता है और फिर सऊदी अरब तथा संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में पहुँचाया जाता है। इस व्यापार में मुनाफे का अंतर चौंकाने वाला है; स्थानीय ग्रामीण जो इन जानवरों को पकड़ते हैं, उन्हें केवल 50 से 100 डॉलर मिलते हैं, जबकि खाड़ी देशों के अंतिम बाजार में एक चीते की कीमत 15,000 से 20,000 डॉलर (लगभग 12 से 16 लाख रुपये) तक पहुँच जाती है।

हालाँकि यूएई और सऊदी अरब ने खतरनाक जानवरों के व्यापार और कब्जे को अपराध घोषित करने वाले कानून पारित किए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अब भी नए चीतों की नुमाइश की जा रही है। सीसीएफ की संस्थापक लॉरी मार्कर बताती हैं कि गंतव्य तक पहुँचने वाले हर एक जीवित शावक के पीछे रास्ते में चार या पांच की मौत हो जाती है। जो पहुँच भी जाते हैं, वे कुपोषण और बीमारी के कारण एक-दो साल से ज्यादा जीवित नहीं रह पाते क्योंकि पालने वालों को उनकी सही देखभाल का ज्ञान नहीं होता।

ग्लोबल इनिशिएटिव अगेंस्ट ट्रांसनेशनल क्राइम की 2021 की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि यदि हर साल 300 चीतों की तस्करी का यह सिलसिला जारी रहा, तो यह प्रजाति पूरी तरह विलुप्त हो जाएगी। सोमालीलैंड के कृषि मंत्री अब्दिलाही जामा उस्मान ने इसे एक संभावित आपदा बताते हुए कहा कि उनकी सरकार इस अवैध व्यापार को रोकने के लिए पूरी ताकत से लड़ रही है।