Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जंतर-मंतर लाठीचार्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर, दोषी पुलिसकर्मियों पर FIR की मांग उत्तर पश्चिम पाकिस्तान में फिर हुआ आतंकवादी हमला वेस्टमिंस्टर ब्रिज से टकरा गयी पुलिस की नाव मुख्य अभियोजक करीम खान को पद से हटा दिया गया इजरायली सेना ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में अभियान किया सऊदी अरब ने यमन में हवाई हमले किये ड्रोन प्रदर्शनी पर हुए हमले में पंद्रह की मौत गर्मी के मौसम में सीमा पर फैलता जा रहा है दावानल Govinda Karisma Kapoor Movies Breakup: क्यों टूटी गोविंदा और करिश्मा कपूर की सुपरहिट जोड़ी? शगुफ्ता ... भारत बनाम जिम्बाब्वे T20I: अभिषेक शर्मा ने गेंद से मचाया तहलका, 14 साल बाद दोहराया सहवाग का ऐतिहासिक...

मैथ्यू आरोन वैनडाइक का पुराना राज खुल रहा है

कभी इतिहास को बदलने का दावा किया था इस अमेरिकी सैनिक ने

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक इन दिनों सुरक्षा एजेंसियों की सघन जांच के घेरे में हैं। वैनडाइक पर आरोप है कि उन्होंने म्यांमार में जातीय विद्रोहियों को प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया। वैनडाइक कोई साधारण विदेशी नागरिक नहीं हैं; उनके पिछले एक दशक के डिजिटल फुटप्रिंट एक ऐसे व्यक्ति की तस्वीर पेश करते हैं जो खुद को युद्धों और संघर्षों के बीच स्वतंत्रता सेनानी के रूप में देखता है। वैनडाइक संस ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल नामक एक सुरक्षा फर्म चलाते हैं, जिसके माध्यम से वे दुनिया भर के संघर्ष क्षेत्रों में स्थानीय आबादी को सैन्य प्रशिक्षण देने का दावा करते रहे हैं।

एक दशक पुराने एक वीडियो क्लिप में वैनडाइक को यह कहते सुना जा सकता है कि उनका लक्ष्य इतिहास की धारा बदलना है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनकी संस्था विदेशी लड़ाकों को दूसरे देशों के युद्ध लड़ने के लिए नहीं भेजती, बल्कि स्थानीय लोगों को इस काबिल बनाती है कि वे अपनी लड़ाई खुद लड़ सकें।

2014 के आसपास जब इराक में आईएसआईएस का आतंक चरम पर था, तब वैनडाइक ने स्थानीय ईसाइयों और अन्य समूहों को प्रशिक्षित करने के लिए अपनी सेवाएं दी थीं। वे विशेष रूप से पूर्व स्पेशल फोर्सेज और ग्रीन बेरेट्स जैसे अनुभवी सैन्य कर्मियों को भर्ती करने को प्राथमिकता देते हैं, जो कठिन और अव्यवस्थित परिस्थितियों में काम कर सकें।

वर्तमान में भारतीय जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या वैनडाइक की भारत में मौजूदगी और म्यांमार के जातीय सशस्त्र संगठनों के साथ उनके कथित संबंध उनके इसी पुराने मॉडल का हिस्सा हैं। वैनडाइक का मानना है कि स्वतंत्रता एक सार्वभौमिक अधिकार है और वे इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं।

उनके वीडियो बताते हैं कि वे अक्सर फ्रंटलाइन के बेहद करीब, बिना बिजली और बुनियादी सुविधाओं वाले खंडहरों में रहकर काम करते हैं। भारत में उनकी गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और निजी सैन्य सलाहकारों की भूमिका पर एक नई बहस छेड़ दी है, खासकर संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में उनकी गतिविधियों को लेकर।