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Chaitra Navratri 2026: मां छिन्नमस्तिका मंदिर में उमड़ी भारी भीड़, पहले दिन ‘मां शैलपुत्री’ की आराधना; जानें दर्शन का समय और सुरक्षा इंतजाम

रामगढ़ः जिला के रजरप्पा स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर में चैत्र नवरात्र के पहले दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. नवरात्र की शुरुआत कलश स्थापना के साथ हुई और प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई. इस अवसर पर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं.

देश के विभिन्न राज्यों झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे. इतना ही नहीं, विदेशों से भी भक्तों ने यहां पहुंचकर मां की आराधना की. भक्त घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए और पूरे श्रद्धाभाव से मां का आशीर्वाद प्राप्त किया.

मान्यता है कि नवरात्र के दौरान मां की सच्चे मन से आराधना करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. कई श्रद्धालु संकल्प लेकर नौ दिनों का अनुष्ठान शुरू कर चुके हैं और नवमी के दिन पूर्णाहुति के साथ अपनी साधना पूर्ण करेंगे.

मंदिर के वरिष्ठ पुजारी लोकेश पंडा ने बताया कि नवरात्र के दौरान गर्भगृह में माता का विशेष और भव्य श्रृंगार किया जाता है. हर दिन अलग-अलग भोग अर्पित किए जाते हैं और हवन कुंडों में देशभर से आए साधक नवरात्र का पाठ और साधना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि किसी को कोई परेशानी न हो. नवरात्र में माता का विशेष श्रृंगार किया जाता है, हर दिन अलग-अलग भोग चढ़ाया जाता है. देशभर से साधक यहां साधना करने आते हैं, मां की कृपा से सभी भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है.

देवघर के मधुपुर से माता की आराधना और पूजा करने पहुंचे भक्त सोनू कुमार गुप्ता ने बताया कि हम लोग दूर से यहां मां के दर्शन के लिए आए हैं, यहां पर बहुत आस्था है. मां से प्रार्थना है कि सबका भला करें और हमारी मनोकामना पूरी करती हैं मां का आशीर्वाद हमेशा मिलते रहता है.

बासंतिक नवरात्र के पहले दिन से ही रजरप्पा में भक्ति का माहौल चरम पर है और आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है. यहां आने वाले सभी भक्तों की मनोकामना मां अवश्य पूर्ण करती हैं, यही विश्वास इस धाम को विशेष बनाता है. नवरात्र को लेकर मंदिर न्यास समिति और जिला प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है.