Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
डोनाल्ड ट्रंप की अपील के बाद स्पेन का जवाब आया भ्रष्टाचार विरोधी प्रमुख को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कच्चे तेल का संकट मानवता शर्मसार! मंदबुद्धि युवक को जंजीरों से बांधकर करवाई मजदूरी; सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुई तो म... Lucky Oberoi Murder Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 संदिग्ध हिरासत में; 38 दिनों से फरार आरोपियों क... Punjab Politics: बंटी रोमाना की मुख्यमंत्री मान को खुली चेतावनी, विवादित बयान से गरमाई सियासत; अकालि... Punjab Rape Case Verdict: कपड़ा व्यापारी को 7 साल की सजा, 13 साल बाद पीड़िता की हुई जीत; जानें क्या ... Gippy Grewal Threat Case: पंजाब में कानून-व्यवस्था पर बरसे सुखबीर बादल, गिप्पी ग्रेवाल को मिली धमकी ... DBU Controversy: देश भगत यूनिवर्सिटी में हंगामा, धरने पर बैठे छात्र और खिलाड़ी; यूनिवर्सिटी प्रबंधन ... LPG Booking New Numbers: पंजाब के गैस उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी! इंडेन, HP और भारत गैस ने जारी किए न...

CG Assembly: अवैध प्लाटिंग के मुद्दे पर सदन में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट; सरकार से पूछा- “भू-माफियाओं पर कब चलेगा बुलडोजर?”

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को अवैध प्लाटिंग का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा.अवैध प्लाटिंग के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को दोनों पक्षों के सवालों का सामना करना पड़ा.विधायकों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध प्लाटिंग का कारोबार लगातार जारी है, लेकिन इसे रोकने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं हो रही. यह मुद्दा खास तौर पर धमतरी और कांकेर जिलों को लेकर उठाया गया.

अवैध प्लांटिंग के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा

विधायक अंबिका मरकाम ने वर्ष 2024 से 31 जनवरी 2026 तक की शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा. जवाब में मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि धमतरी में 3 और कांकेर में 5 शिकायतें मिलीं. कांकेर में 175 खसरों में से 8 की जांच हो चुकी है, जबकि बाकी मामलों में प्रक्रिया जारी है.उन्होंने यह भी बताया कि तीन पटवारियों का इंक्रीमेंट रोका गया है और कई अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं.हालांकि विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ. वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कार्रवाई में देरी के लिए SIR को जिम्मेदार ठहराने पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि अवैध प्लाटिंग का मामला वर्षों पुराना है, इसलिए हाल की प्रक्रिया को कारण बताना उचित नहीं है.

पूर्व सीएम ने ईओडब्लू से जांच कराने की मांग की

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा.उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में लीपापोती की जा रही है और इसकी जांच ईओडब्ल्यू से कराने की मांग की.साथ ही उन्होंने विधानसभा समिति से जांच कराने का सुझाव भी दिया.

अजय चंद्राकर भी जवाब से हुए असंतुष्ट

मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब में कहा कि राजस्व विभाग खुद जांच करने में सक्षम है और पूरी जानकारी सदन के सामने रखी जाएगी.अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए पूछा कि यदि जमीन की सुरक्षा भू-स्वामी की जिम्मेदारी है, तो राजस्व विभाग की भूमिका क्या रह जाती है.

सदन में विपक्ष का वॉकआउट

बहस के दौरान सदन का माहौल काफी गरम हो गया और अंततः मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया. अवैध प्लाटिंग का यह मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति में बड़ा विषय बनता जा रहा है, जिस पर आगे और सियासी टकराव देखने को मिल सकता है.