Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच 'सुपर' रेस्क्यू! ईरान से सुरक्षित निकले 550 भारतीय; एस. जयशंकर ने बताया... Ladakh Protest: लद्दाख में भारी विरोध प्रदर्शन, 6वीं अनुसूची और राज्य के दर्जे की मांग तेज; सोनम वां... नजारा ऐसा कि पेरिस भूल जाएंगे! श्रीनगर में खुला एशिया का सबसे बड़ा 'ट्यूलिप गार्डन'; 18 लाख फूलों की... संभल प्रशासन को हाई कोर्ट का बड़ा झटका! नमाज पर पाबंदी वाला आदेश रद्द; अदालत ने कहा- 'नमाजियों की सुर... Supaul News: सुपौल में सफाई व्यवस्था ठप, धरने पर बैठे नगर परिषद के कर्मचारी; कूड़े के ढेर में तब्दील... भोजशाला विवाद पर हाई कोर्ट का 'सुपर' एक्शन! नियमित सुनवाई से पहले होगा मौका-मुआयना, 2 अप्रैल से शुरू... Ghaziabad Crime: छुट्टी के विवाद में बैंक गार्ड ने मैनेजर को मारी गोली, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्... दिल्ली में बनेगा AIIMS जैसा 'सुपर मेडिकल हब'! एक साथ मिलाए जाएंगे 3 बड़े सरकारी अस्पताल; मरीजों को ए... Weather Update Today: यूपी-बिहार में बारिश की चेतावनी, दिल्ली और पंजाब में लुढ़का तापमान; जानें अगले... Delhi Free Bus Travel: ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए दिल्ली की बसों में मुफ्त यात्रा शुरू, कैबिनेट की...

Palwal Municipal Council Scam: पलवल नगर परिषद में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, पार्षदों के नकली स्टाम्प और साइन से पास हुए सरकारी कागजात; जांच शुरू

पलवल: पलवल नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत बड़ा स्कैम सामने आया है जहां कुछ युवकों द्वारा एक मौजूदा पार्षद के वर्षों से फर्जी हस्ताक्षर और स्टाम्प मोहर बनाकर नकली दस्तावेज बनाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता पार्षद के अनुसार यह स्कैम सीएससी संचालक की देखरेख में वर्ष 2024 से चल रहा है जिसके बारे में उन्हें अब जानकारी मिली है और इसकी शिकायत कैंप थाना पुलिस को दी है, साथ ही जिला नगर आयुक्त को भी इस बावत अवगत कराया गया है।

मामले की जानकारी देते हुए पलवल नगर परिषद वार्ड नंबर 13 से पार्षद अनिल गोसाईं ने बताया कि पलवल वार्ड नंबर-12 से एक बुजुर्ग 14 मार्च को उनके पास किसी जमीनी कागज पर तस्दीक करने आया जिस पर मेरी स्टांप मोहर पहले ही लगी हुई थी और मेरे हस्ताक्षर हुए पड़े थे तो मैंने उस बुजुर्ग से कहा कि आपको यह कागज जिस पर मैंने कभी साइन नहीं किए न ही मोहर लगाई कहां से मिल गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें यह कागज एक रिक्की मदान नामक वकील ने दिए हैं। जब मैने बुजुर्ग के बताए अनुसार उक्त वकील को अपने घर बुलाया और फर्जी स्टाम्प मोहर और हस्ताक्षर हुए कागज के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उन्होंने यह डॉक्यूमेंट सीएससी संचालक निखिल दिवान से लिया है। जब उन्होंने सीएससी संचालक को भी मौके पर बुलाया तो उसने कैंप मार्किट के प्रधान आशु राजपाल का नाम लिया। लेकिन उक्त तीनों ने ही यह स्वीकार नहीं किया कि यह फर्जी दस्तावेज उन्होंने बनाए है।

शिकायतकर्ता पार्षद का कहना है कि उन्होंने कैंप थाना पुलिस को शिकायत में मांग की है कि उक्त फर्जीवाड़े की जांच की जाए ताकि किसी भी जनप्रतिनिधि की जिम्मेवारी के साथ फर्जीवाड़ा न हो और जनता को भी कोई समस्या न आए। वहीं उनके साथ मौजूद अन्य पार्षदों एवं वाइस चेयरमैन ने कहा कि उन्होंने पुलिस से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की, क्योंकि अभी केवल एक वार्ड से यह घटना सामने आई है। अगर सही जांच हुई तो अन्य वार्डो में भी इस तरह की घटना सामने आएंगी। उन्होंने कहा कि सीएससी संचालकों द्वारा शहर में अनैतिक कार्य जोरों पर है।