Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Mandla Crime: मंडला में रिश्तों का कत्ल! पिता के साथ मिलकर बेटे ने की मां की हत्या, रोंगटे खड़े कर दे... Ishaan Khatter Video: रेस्टोरेंट से बाहर निकलते ही गिराई कॉफी, सफेद पैंट हुई खराब तो पैपराजी के सामन... NSA Ajit Doval Riyadh Visit: अजीत डोभाल ने रियाद में सऊदी विदेश मंत्री और क्राउन प्रिंस के करीबियों ... Bank Holiday Today: अक्षय तृतीया के बाद आज भी बंद रहेंगे बैंक? जानें 20 अप्रैल को किन राज्यों में रह... Motorola Edge 70 Pro Launch: 22 अप्रैल को लॉन्च होगा मोटोरोला का नया फोन, 6500mAh बैटरी और 144Hz डिस... PBKS vs LSG: श्रेयस अय्यर ने छोड़े इतने कैच की टोपी से छिपाना पड़ा मुंह, शर्मिंदगी का VIDEO सोशल मीड... Chardham Yatra 2026: अक्षय तृतीया के शुभ योग में शुरू हुई चारधाम यात्रा; जानें केदारनाथ-बद्रीनाथ के ... Chatra News: चतरा में दर्दनाक हादसा, तालाब में डूबने से मां और दो बेटियों की मौत; चंद मिनट में उजड़ ... Police Action: SP की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हंसना ASI को पड़ा भारी, अनुशासनहीनता के आरोप में ... Postmaster Suicide: सट्टे के कर्ज में डूबे पोस्टमास्टर ने दोस्त के घर दी जान, लेनदारों के दबाव में ख...

LPG Ship Shivalik: भारत पहुँचा दुनिया का सबसे बड़ा गैस कैरियर ‘शिवालिक’, कतर से गुजरात तक का सफर और आपकी रसोई पर असर; देखें पूरी कहानी

खाड़ी क्षेत्र में ईरान और इजराइल तथा अमेरिका के बीच जारी जंग को लेकर पूरी दुनिया में तनाव का माहौल बना हुआ है. इस जंग का असर समुद्री मार्गों पर भी पड़ रहा है, जिससे कई देशों में गैस और तेल की सप्लाई बाधित हो गई. यही वजह रही कि भारत के कई शहरों में लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर की खासी कमी का सामना करना पड़ा. लोगों को सिलेंडर गैस लेने के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा. इस बीच अच्छी खबर है कि एलपीजी गैस से भरा जहाज ‘शिवालिक’ कतर से होते हुए अब भारत पहुंच गया है.

तेल टर्मिनल पर पिछले दिनों हमले के बावजूद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह से तेल भरने के बाद भारतीय ध्वज वाला कच्चे तेल का एक और टैंकर ‘जग लाडकी’ कल रविवार को भारत के लिए सुरक्षित निकल गया. इस जहाज में करीब 80,800 टन मुरबन कच्चा तेल भरा हुआ है. यह जहाज बिना किसी टेंशन के अपने सफर पर है और इसमें सवार सभी सदस्य सुरक्षित हैं, और यह जल्द ही भारत की सरजमीं पर पहुंचने वाला है. यह चौथा भारतीय ध्वजवाहक जहाज है जो संघर्षपूर्ण क्षेत्र से बिना किसी नुकसान के बाहर निकल गया.

‘शिवालिक’ में हजारों टन LPG गैस

ईरान के जवाबी हमले की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को लेकर दिक्कत आने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी खासा असर पड़ा. इससे पहले भारतीय तिरंगे लगे 2 एलपीजी जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ शनिवार को, करीब 92,712 टन लिक्वीफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित बाहर निकल गए.

‘शिवालिक’ जहाज में करीब 54 हजार टन LPG गैस भरा हुआ है और आज सोमवार की सुबह 9 बजे के करीब गुजरात के मुंडरा बंदरगाह पहुंचा. इसके भारत आने से गैस सप्लाई की कमी का सामना कर रहे लोगों को राहत मिलेगी. इसी तरह ‘नंदा देवी’ जहाज भी कल मंगलवार को कांडला बंदरगाह पर पहुंच रहा है. ‘शिवालिक’ उन जहाजों में से एक है जो खाड़ी क्षेत्र में जंग शुरू होने के बाद से जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में फंसा हुआ था.

LPG टैंकर की स्पीड कितनी

दूसरी ओर, देश के कई शहरों में एलपीजी गैस की भारी किल्लतों के बीच सभी की नजरें गैस से भरे ‘शिवालिक’ जहाज पर टिकी थीं, जो अब भारत पहुंच चुका है. यह जहाज कतर के रास लफान पोर्ट (Ras Laffan port) से गैस भरने के बाद 7 मार्च को स्थानीय समयानुसार दोपहर 2.53 बजे रवाना हुआ था और यह शुक्रवार रात तथा शनिवार सुबह के बीच होर्मुज क्षेत्र को पार करते हुए यह जहाज आज सुबह 9 बजे भारत की सीमा में गुजरात के मुंडरा पहुंच गया.

यह LPG टैंकर अभी भारत के पश्चिमी तट पर मौजूद है. शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के स्वामित्व वाले ‘शिवालिक’ (IMO: 9356892) एक LPG टैंकर है. इस जहाज की कुल लंबाई (LOA) 225.28 मीटर है जबकि चौड़ाई 36.6 मीटर है. इस जहाज की स्पीड 8.1 knot यानी एक घंटे में 15 किलोमीटर है.

करीब 28 जहाज अभी भी अटके

पश्चिमी छोर पर 24 जहाजों के अलावा, पूर्वी क्षेत्र में 4 और जहाज फंसे हुए थे. पूर्वी इलाके में फंसे 4 में से भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर ‘जग प्रकाश’, जो ओमान से अफ्रीका पेट्रोल लेकर जा रहा था, वह पिछले हफ्ते शुक्रवार को युद्ध प्रभावित इलाके से सुरक्षित निकल गया. ‘जग प्रकाश’ नाम के जहाज ने ओमान के सोहर बंदरगाह से पेट्रोल लिया और अब यह तंजानिया के टांगा की ओर रवाना हो गया है. इसके 21 मार्च को टांगा पहुंचने की संभावना है.

भारतीय जहाज और नाविक पूरी तरह सुरक्षित

दूसरी ओर, सरकार की ओर से कहा गया कि इस संघर्षरत समुद्री क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय जहाज और नाविक पूरी तरह से सुरक्षित हैं, और समुद्री परिचालन पर लगातार नजर रखी जा रही है. फारस की खाड़ी इलाके के पश्चिम की ओर 22 भारतीय ध्वजवाहक जहाज हैं जिन पर 611 नाविक सवार हैं. ये सभी सुरक्षित हैं.

भारत अपनी करीब 88 फीसदी कच्चा तेल, 50 फीसदी प्राकृतिक गैस और 60 फीसदी एलपीजी जरूरतें आयात के जरिए पूरी करता है. ईरान में 28 फरवरी से शुरू हुई जंग से पहले भारत आधे से अधिक कच्चा तेल आयात करता था और करीब 30 फीसदी गैस तथा 85-90 फीसदी एलपीजी गैस का आयात सऊदी अरब और यूएई जैसे पश्चिम एशियाई देशों से करता है.