Breaking News in Hindi

कांग्रेस ने इसे घुसपैठियों का पनाहगाह बनायाः अमित शाह

चुनाव के एलान के ठीक पहले अपना प्रचार कर गये गृह मंत्री

  • स्वास्थ्य बजट के 150 करोड़ हड़प लिये

  • कैंसर नेटवर्क की कोई बराबरी नहीं है

  • हिमंता बिस्वा सरमा से गोगोई तक सक्रिय

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: निर्वाचन आयोग द्वारा असम विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल की तारीख घोषित किए जाने के साथ ही राज्य में राजनीतिक गहमागहमी चरम पर पहुंच गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुवाहाटी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखे हमले किए और भाजपा के लिए तीसरे जनादेश की मांग की।

अमित शाह ने कांग्रेस पर अपने शासनकाल के दौरान असम को ‘घुसपैठियों की पनाहगाह’ बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने 1.51 लाख बीघा से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। शाह ने वादा किया कि यदि जनता भाजपा को तीसरी बार सत्ता सौंपती है, तो न केवल असम बल्कि पूरे देश से घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा।

गृह मंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस की युवा शाखा की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने हाल ही में दिल्ली के एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अर्धनग्न प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध जायज है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में ऐसी हरकतें देश की छवि खराब करती हैं। उन्होंने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि मोदी के विरोध में आप भारत का विरोध न करें।

चुनावी रैली के साथ शाह ने राज्य को 2,092 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने प्रागज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज सहित गोलाघाट और तिनसुकिया में कैंसर देखभाल केंद्रों का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि असम अब 17 कैंसर अस्पतालों के नेटवर्क के साथ देश का अग्रणी राज्य बन गया है, जिनमें से 12 चालू हो चुके हैं।

9 अप्रैल को होने वाले एक दिवसीय मतदान में मुख्य मुकाबला मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई के बीच माना जा रहा है। जलुकबारी सीट से लगातार पांच बार के विजेता सरमा छठे कार्यकाल की ओर देख रहे हैं।

पिछले चुनाव में उनकी जीत का अंतर 1 लाख मतों से अधिक था। कांग्रेस ने लोकसभा में शानदार प्रदर्शन के बाद गोगोई को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश किया है। वे पहली बार जोरहाट सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया भी अपनी पारंपरिक सीट नाज़िरा से चौथी बार मैदान में हैं। 4 मई को आने वाले नतीजे तय करेंगे कि असम में भाजपा की हैट्रिक लगेगी या कांग्रेस की वापसी होगी।