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 कनाडा की क्यूबेक के लिए नई इमिग्रेशन नीति

विदेशी पेशेवरों के लिए सरकार का फैसला बड़ी राहत

ओटावाः कनाडा सरकार ने अपनी आप्रवासन नीतियों में एक बड़ा बदलाव करते हुए क्यूबेक प्रांत में काम कर रहे विदेशी कुशल श्रमिकों के लिए नई रियायतों की घोषणा की है। इस नई नीति के तहत, जिन श्रमिकों के पास वर्तमान में वर्क परमिट है और जो स्थायी निवास की प्रक्रिया में हैं, उन्हें 12 महीने का अतिरिक्त ओपन वर्क परमिट विस्तार दिया जाएगा। यह कदम विशेष रूप से उन पेशेवरों को ध्यान में रखकर उठाया गया है जो प्रशासनिक देरी या बैकलॉग के कारण अपने कानूनी दर्जे को लेकर चिंतित थे।

क्यूबेक, अपनी विशिष्ट भाषाई और सांस्कृतिक पहचान के कारण, अपनी इमिग्रेशन नीतियों को संघीय सरकार के साथ मिलकर स्वतंत्र रूप से संचालित करता है। हाल के महीनों में, प्रांत के तकनीकी, स्वास्थ्य और निर्माण क्षेत्रों में श्रम की भारी कमी देखी गई है। सरकार का मानना है कि इस विस्तार से न केवल वर्तमान वर्कफोर्स को स्थिरता मिलेगी, बल्कि इससे कनाडा की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अप्रवासियों के लिए यह एक बड़ी जीत मानी जा रही है, क्योंकि अब उन्हें अपना परमिट समाप्त होने के डर के बिना काम करना जारी रखने और अपने परिवार के साथ रहने का मौका मिलेगा।

आलोचकों का कहना है कि जहाँ यह कदम स्वागत योग्य है, वहीं सरकार को पीआर आवेदनों के प्रसंस्करण समय में भी सुधार करना चाहिए। हालांकि, इमिग्रेशन मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह 12 महीने की अवधि एक ब्रिजिंग समाधान के रूप में कार्य करेगी, जिससे आवेदकों को अपने सभी दस्तावेजों को अंतिम रूप देने का पर्याप्त समय मिलेगा। नई नीति से उन हजारों भारतीय पेशेवरों को भी लाभ होने की उम्मीद है जो मोंट्रियल और आसपास के शहरों में आईटी और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में कार्यरत हैं। कनाडा का यह लचीला रुख उसे वैश्विक स्तर पर प्रतिभाओं के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाए रखने में मदद करेगा।