Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
BJP OBC Politics: काशी में बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक; अशोक चौरसिया को कमान देकर पिछड़ा वर्ग को साधने क... Lohagad Murder Case: पुणे मंगेतर हत्याकांड में SIT जांच के निर्देश; विधानसभा में गूंजा केतन अग्रवाल ... WB Anti-Social Activities Bill: पश्चिम बंगाल में 'निवारक हिरासत' का प्रावधान; विधानसभा में पेश होगा ... Sanjay Dina Patil Controversy: शिवसेना सांसद के 'बम' वाले बयान पर मचा बवाल; ठाकरे गुट ने दर्ज कराई श... Fake Helmet Factory Ghaziabad: गाजियाबाद में दो हेलमेट इकाइयों पर BIS का छापा; लाइसेंस खत्म होने के ... Passport Fees Hike 2026: 1 जुलाई से महंगा होगा पासपोर्ट बनवाना; जानिए नई दरों की पूरी लिस्ट Ram Mandir Donation Controversy: चांदी का काकभुशुण्डि मिलने के बाद भी खड़े हुए सवाल; दानदाताओं ने रसी... Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में FIR दर्ज; गबन और धोखाधड़ी की धाराओं में 8 आ... LPG Supply Rules Changed: सरकार का बड़ा फैसला; व्यावसायिक LPG पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए गए Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई; ट्रस्ट की शिकायत पर 8 लोगों...

बड़ी खबर: ईरान में ‘जख्मी’ खामेनेई ने संभाली कमान, 1981 के उस हमले की यादें हुई ताजा; इजरायल-अमेरिका के खिलाफ जंग का नया ऐलान!

जंग में झुलसे ईरान को अपने इतिहास का सबसे बड़ा झटका लगा है. 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल के हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. इसी हमले में उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई भी घायल हो गए हैं. मुज्तबा को अब ईरान के सुप्रीम लीडर के पद पर नियुक्त किया गया है. इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के इतिहास में यह एक विचित्र संयोग ही माना जाएगा कि अयातुल्लाह अली खामेनेई भी सुप्रीम लीडर बनने से पहले एक बम अटैक में घायल हुए थे और उनका राइट ने हमेशा के लिए काम करना बंद कर दिया था.

अब, उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई पर सुप्रीम लीडर नियुक्त किए जाने से महज कुछ दिन पहले जो हमला हुआ उसमें उनके एक पैर के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने की खबर है. यानी ईरान को पिछले दोनों सुप्रीम लीडर जख्मी होने के बाद मिले हैं और हिस्ट्री फिर रिपीट हुई है.

अली खामेनेई मस्जिद में हुए थे घायल

27 जून 1981 को तेहरान की एक मस्जिद में नमाज के बाद एक भाषण देते समय अली खामेनेई के सामने रखे टेप रिकॉर्डर में लगे बम में धमाका हुआ था. इस बम विस्फोट में खामेनेई का दाहिना हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ था. महीनों अस्पताल में रहने के बाद भी उनका दाहिना हाथ हमेशा के लिए लकवाग्रस्त हो गया.

उस समय वे राष्ट्रपति थे. आयतुल्लाह खुमैनी की मृत्यु के बाद 1989 में वे सुप्रीम लीडर बने और 2026 में अपनी मौत तक इस सर्वोच्च पद पर रहे. खामेनेई अपने राइट हैंड को आमतौर पर छुपाकर रखते थे और सभी काम लेफ्ट हैंड से करते थे.

अब मुज्तबा खामेनेई घायल हैं

28 फरवरी को जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए तो अली खामेनेई के बेटे मुज्तबा इसमें घायल हो गए. खामेनेई के आवास पर गिरे बंकर-बस्टर बमों ने महिलाओं और एक बच्चे समेत परिवार के कई लोगों की जान ले ली, मुज्तबा बच गए.

हालांकि, बताया जा रहा है कि वो गंभीर रूप से घायल हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके दाहिने पैर में काफी चोट आई है. कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा है कि उनका ये पैर काट दिया गया है. शरीर के अन्य हिस्सों में भी उन्हें चोट आई है. उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

एक तरफ मुज्तबा खामेनेई गंभीर रूप से जख्मी हैं दूसरी तरफ 8 मार्च 2026 को आधिकारिक रूप से उन्हें ईरान का सुप्रीम लीडर घोषित कर दिया गया. 12 मार्च को उनके नाम से पहला संदेश भी जारी किया गया. हालांकि, वो खुद नजर नहीं आए, उनके संदेश को पढ़ा गया. अपने पहले बयान में ही मुज्तबा खामेनेई ने हॉर्मुज स्ट्रेट बंद रखने और पिता की मौत का बदला लेने की घोषणा की.