Iran Conflict Update: ईरान में फंसे 9000 भारतीय, विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया वतन वापसी का पूरा प्लान; दूतावास ने जारी की हेल्पलाइन
ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में जंग जारी है. जंग के बीच ईरान में अभी भी नौ हजार भारतीय हैं. विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को कहा कि भारत ईरान में अपने नागरिकों को जमीन के रास्ते अजरबैजान और आर्मेनिया जाने और फिर कमर्शियल फ्लाइट से घर लौटने में मदद कर रहा है. सरकार उन भारतीयों को वीजा सपोर्ट दे रही है और बॉर्डर पार करने में मदद कर रही है, जो इन पड़ोसी देशों से होकर यात्रा करना चाहते हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ईरान में अपने नागरिकों के संपर्क में है और जो लोग उपलब्ध रास्तों का इस्तेमाल करके निकलना चाहते हैं, उनकी मदद कर रहा है.
जायसवाल ने कहा कि हम उन भारतीय नागरिकों की भी मदद कर रहे हैं जो अजरबैजान और आर्मेनिया जाना चाहते हैं और वहां से घर लौटने के लिए कमर्शियल फ्लाइट लेना चाहते हैं. हम उन्हें वीजा में मदद कर रहे हैं. हम जमीनी बॉर्डर पार करने में भी उनकी मदद कर रहे हैं.
ईरान में फंसे भारतीयों की मदद कर रहा MEA
उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग शिक्षा के लिए गए हैं. इनमें नाविक लोग हैं. व्यवसायिक लोग हैं. कुछ श्रद्धालु भी हैं. उन्होंने कहा कि बहुत सारे भारतीय ईरान से भारत आने के इच्छुक है. हमारी एबेंसी उनकी मदद कर रही है. उनको बार्डर पार कराया जा रहा है.
जायसवाल ने कहा, “हमने तेहरान में रह रहे छात्रों और तीर्थयात्रियों समेत कई भारतीय नागरिकों को देश के दूसरे सुरक्षित जगहों और शहरों में भेज दिया है.” उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारियों ने कई नागरिकों को जमीनी सीमा पार करने और भारत वापस आने में मदद की है. उन्होंने कहा, “कई भारतीय नागरिकों ने हमसे संपर्क किया है और हमने उन्हें अजरबैजान और आर्मेनिया जाने और वहाँ से कमर्शियल फ्लाइट लेकर घर वापस आने में मदद की है.”
MEA ने उन भारतीयों को भी सलाह दी है जो जमीनी सीमाओं के रास्ते ईरान छोड़ने की योजना बना रहे हैं कि वे भारतीय दूतावास द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करें.
ईरान के विदेश मंत्री से जयशंकर ने की बात
रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच हाल के दिनों में तीन बार बातचीत हुई है. उन्होंने बताया कि आखिरी बातचीत में समुद्री जहाज की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. इन वार्ताओं के अलावा इस समय इससे अधिक कुछ कहना जल्दबाजी होगी.
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पाकिस्तान के इन बेबुनियाद आरोपों को खारिज करता है. उन्होंने कहा, पाकिस्तान को अपनी ही गलतियों के लिए भारत को दोष देने की आदत हो गई है. जायसवाल ने कहा कि दशकों से आतंकवाद को समर्थन देने वाले देश के रूप में सीमा पार आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान की कोई विश्वसनीयता नहीं है.
उन्होंने कहा कि कनाडा-भारत यूरेनियम समझौते पर टिप्पणी करने से पहले पाकिस्तान को अपने परमाणु प्रसार (न्यूक्लियर प्रोलीफरेशन) के रिकॉर्ड को याद करना चाहिए.उन्होंने यह भी कहा कि कहानी गढ़ने से सच्चाई नहीं बदलेगी और पाकिस्तान के खुद को पीड़ित दिखाने से कोई भ्रमित नहीं होगा.
बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव ने मांगें पेट्रोलियम उत्पाद
बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव ने भारत से पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए अनुरोध किया है. उन्होंने बताया कि भारत को इन तीनों पड़ोसी देशों से ईंधन आपूर्ति को लेकर आधिकारिक अनुरोध मिले हैं.
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सरकार ने भारत से डीजल की आपूर्ति के लिए अनुरोध किया है, जिसकी जांच की जा रही है. उन्होंने यह भी बताया कि 2017 से बांग्लादेश को डीजल का निर्यात काफी हद तक जारी है. हालांकि, कोई भी फैसला लेते समय भारत की रिफाइनिंग क्षमता, घरेलू जरूरतों और डीजल की उपलब्धता को ध्यान में रखा जाएगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की है कि बांग्लादेश की खुफिया एजेंसी के प्रमुख हाल ही में भारत के दौरे पर आए थे.
उन्होंने कहा कि श्रीलंका और मालदीव सहित कुछ अन्य देशों से भी ऐसे अनुरोध मिले हैं, जिन्हें भारत की अपनी ऊर्जा जरूरतों और उपलब्धता को देखते हुए परखा जा रहा है. रणधीर जायसवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर लोगों के जीवन पर पड़ा है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर क्षेत्र के कई नेताओं के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं और स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है.
GCC देशों द्वारा लाए गए प्रस्ताव का भारत सह-प्रायोजक
जायसवाल ने बताया कि GCC देशों में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है, इसलिए उनकी सुरक्षा और कल्याण भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस मुद्दे को भी बातचीत में उठाया गया. उन्होंने कहा कि कई मौकों पर भारत ने देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भी निंदा की है.
उन्होंने कहा किभारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में GCC देशों द्वारा लाए गए प्रस्ताव का सह-प्रायोजन (co-sponsor) किया है. उन्होंने बताया कि यह कदम पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के प्रयासों के समर्थन में उठाया गया है. वहीं, रणधीर जायसवाल ने बताया कि ईरान के तीन युद्धपोतों ने 28 फरवरी को भारत में डॉक करने का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा कि ईरान का युद्धपोत लावन (Lavan) 4 मार्च को कोच्चि में डॉक कर चुका है.
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने नेपाल में चुनाव प्रक्रिया के सफल समापन का स्वागत किया है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के नेताओं रबी लामिछाने और बालेन्द्र शाह से बातचीत भी की है.