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युद्ध जारी रहने के बीच ट्रंप का फिर से एकतरफा एलान

टेक्सास में तेल कारखाना लगायेगा रिलायंस

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को टेक्सस के ब्राउन्सविले में पिछले 50 वर्षों में पहली बार एक नई तेल रिफाइनरी खोलने की घोषणा की है। इस विशाल परियोजना में भारत की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड बड़ा निवेश कर रही है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस 300 बिलियन डॉलर के सौदे को ऐतिहासिक बताते हुए ऊर्जा क्षेत्र में रिलायंस के असाध्य निवेश के लिए धन्यवाद दिया। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि यह अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा सौदा है, जो अमेरिकी कामगारों, ऊर्जा सुरक्षा और दक्षिण टेक्सस के लोगों के लिए एक बड़ी जीत साबित होगा। इस बारे में रिलायंस ने अपनी तरफ से पहले कोई घोषणा नहीं की थी। लिहाजा इस एलान का खास तौर पर भारत में अजीब असर हुआ है।

राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, यह नई रिफाइनरी न केवल अमेरिकी बाजारों को ईंधन देगी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। उन्होंने अपने अमेरिका फर्स्ट एजेंडे को इस निवेश का मुख्य कारण बताया, जिसके तहत परमिट प्रक्रिया को सरल बनाने और करों में कटौती करने से अरबों डॉलर के सौदे वापस देश में आ रहे हैं। ब्राउन्सविले बंदरगाह पर बनने वाली यह रिफाइनरी दुनिया की सबसे स्वच्छ रिफाइनरी होने का दावा करती है, जो वैश्विक निर्यात को शक्ति प्रदान करेगी और क्षेत्र में हजारों नौकरियों के अवसर पैदा करेगी। ट्रंप ने इसे अमेरिका के ऊर्जा प्रभुत्व  की दिशा में एक बड़ा कदम करार दिया है।

यह महत्वपूर्ण घोषणा ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। ईरान ने इसके जवाब में मिसाइलों और ड्रोनों से यूएई, सऊदी अरब, कतर और कुवैत जैसे देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया है। इस संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसा महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बाधित हुआ है, जहाँ से दुनिया का लगभग पाँचवाँ हिस्सा तेल गुजरता है। वैश्विक ऊर्जा संकट के इस दौर में, अमेरिका की यह नई रिफाइनरी ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करने और बाहरी निर्भरता कम करने की दिशा में एक रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक मानी जा रही है। इससे पहले रिलायंस ने औपचारिक तौर पर रूस से तेल नहीं खरीदने का एलान किया था।