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Pakur Coal Mining News: पाकुड़ में विस्थापितों का अनिश्चितकालीन धरना, मूलभूत सुविधाओं के लिए अड़े ग्रामीण; माइनिंग और ट्रांसपोर्टिंग ठप

पाकुड़: जिले के अमड़ापाड़ा प्रखंड के पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक के सैकड़ों विस्थापित परिवार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान पश्चिम बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और बीजीआर कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की. विस्थापित परिवार कोयला खनन और परिवहन का कार्य भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कराते हुए कोल कंपनी के कार्यालय के सामने धरना पर बैठ गए.

विरोध प्रदर्शन कर रहे विस्थापित परिवार में महातान टुडू ने बताया कि कोल कंपनी ने खनन कार्य चालू करने से पहले आश्वासन दिया था कि इस क्षेत्र में विकास कार्य होगा. यहां के बच्चे शिक्षित होंगे और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने के साथ-साथ बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने के अलावा कई अन्य सुविधाएं गांव में बहाल की जाएगी. कोयला खनन कार्य चालू होने के वर्षों बीत गए, लेकिन इस क्षेत्र का न तो कोई विकास हुआ और न ही वादे के मुताबिक कोई कार्य किया.

मूलभूत सुविधा की मांग

विस्थापितों ने बताया कि अनुश्रवण एवं नियंत्रण कार्य समिति के बैनर तले सोमवार से कोल कंपनी का खनन कार्य और परिवहन पूरी तरह ठप कर दिया गया है. कहा हमारे मांग विशनपुर मौजा का समतलीकरण, चिकित्सा के लिए सुविधायुक्त अस्पताल, शिक्षा के लिए प्लस टू तक का स्कूल, रोजगार देने और नौकरी कर रहे ग्रामीणों को उचित वेतनमान होना चाहिए.

ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में इन मांगों को लेकर कोल कंपनी और सरकारी कार्यालय का चक्कर काटते रहे. लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई. इसलिए मजबूरन विरोध प्रदर्शन के साथ कामकाज बाधित करना पड़ा.

ग्रामीणों ने बताया कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती, कोयला खनन और परिवहन पूरी तरह बाधित रहेगा. साथ ही ग्रामीणों का धरना जारी रहेगा. इधर विस्थापित परिवारों द्वारा कोयला खनन व परिवहन बाधित किये जाने की मिली सूचना पर सिविल और पुलिस पदाधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे.

विस्थापित परिवारों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर कोल कंपनी बीजीआर के जनसंपर्क पदाधिकारी संजय बेसरा ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आंदोलनकारियों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई है, लेकिन सहमति नहीं बनी है. इसलिए आंदोलन जारी है. उन्होंने बताया कि आंदोलन खत्म हो, इसके लिए प्रयास जारी है.