Chhattisgarh Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज लोक स्वास्थ्य और अनुदान मांगों पर चर्चा, जानें साय सरकार के बजट की बड़ी बातें
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार 9 मार्च को सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू होगी. कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसके बाद विभिन्न विभागों की वार्षिक रिपोर्टें सदन के पटल पर रखी जाएंगी. वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कई महत्वपूर्ण विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा भी की जाएगी.
प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत
सदन की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी. इस दौरान विधानसभा सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब संबंधित मंत्री देंगे. इसके माध्यम से विभिन्न विभागों के कामकाज और योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी.
सदन के पटल पर रखी जाएंगी वार्षिक रिपोर्ट
प्रश्नकाल के बाद विभिन्न विभागों और संस्थाओं की वार्षिक रिपोर्टें सदन के पटल पर रखी जाएंगी. इसमें छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण) अधिनियम के अंतर्गत वार्षिक प्रतिवेदन, सहकारी संस्थाओं से संबंधित ऑडिट रिपोर्ट शामिल है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की वार्षिक रिपोर्ट तथा छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की वार्षिक रिपोर्ट और वित्तीय विवरण भी पटल पर रखे जाएंगें.
नियम 138 के तहत उठेंगे दो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
सदन में नियम 138 के तहत दो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए जाएंगे. पहले प्रस्ताव में प्रदेश में वन अधिकार पट्टों के वितरण नहीं होने के मुद्दे पर आदिम जाति विकास मंत्री का ध्यान आकर्षित किया जाएगा. वहीं दूसरे प्रस्ताव में प्रदेश में स्थापित कारखानों में उद्योग नीति के उल्लंघन के मामले को उठाते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री का ध्यान आकर्षित किया जाएगा.
वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर होगी चर्चा
सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर भी चर्चा की जाएगी. इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और लोक निर्माण विभाग के सड़क और पुल कार्य पर चर्चा की जाएगी. इसके अलावा खेल एवं युवक कल्याण, लोक निर्माण विभाग के भवन तथा नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा होगी.
पुलिस, जेल और पंचायत विभाग से जुड़े प्रस्ताव भी होगी चर्चा
इसके अलावा गृह विभाग से जुड़े पुलिस, जेल तथा अन्य व्यय से संबंधित मांगों पर भी चर्चा होगी. साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता से जुड़े प्रस्तावों पर भी सदन में विचार किया जाएगा.