तमाम पुराने राजनीतिक दलों पर वोटरों का भरोसा नहीं
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एक नये युग का उदय हो रहा
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जनता की उम्मीदें विकल्प की ओर
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पुराने नेताओं पर अब भरोसा नहीं रहा
राष्ट्रीय खबर
काठमांडूः नेपाल के राजनीतिक इतिहास में एक अभूतपूर्व उलटफेर करते हुए, रैपर से राजनेता बने बालेन्द्र शाह (बालेन) की पार्टी, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP), भारी जीत के साथ सरकार बनाने के लिए तैयार है। शनिवार को आए चुनावी नतीजों ने नेपाल की दशकों पुरानी स्थापित पार्टियों और दिग्गज नेताओं के वर्चस्व को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। 35 वर्षीय बालेन ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से नेपाल के चार बार प्रधानमंत्री रह चुके और कम्युनिस्ट पार्टी (CPN-UML) के अध्यक्ष के.पी. शर्मा ओली को लगभग 50,000 वोटों के भारी अंतर से हराकर इतिहास रच दिया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, बालेन को 68,348 वोट मिले, जबकि अनुभवी नेता ओली मात्र 18,734 वोटों पर सिमट गए।
बालेन शाह न केवल नेपाल के संसदीय इतिहास में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बनने की राह पर हैं, बल्कि वह हिमालयी राष्ट्र के पहले मधेसी प्रधानमंत्री भी होंगे। 2022 में रवि लामिछाने द्वारा गठित RSP ने अब तक घोषित 117 सीटों में से 91 पर जीत दर्ज कर ली है। राजधानी काठमांडू की सभी 10 सीटों पर आरएसपी ने क्लीन स्वीप किया है। मतदाताओं ने भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और पुरानी पीढ़ी के नेतृत्व को नकारते हुए बालेन के अब की बार बालेन्द्र सरकार के नारे पर भरोसा जताया है। नेपाल की जनता ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अब देश में स्थिरता और विकास चाहते हैं।
नेपाल में इस बड़े बदलाव पर भारत की भी पैनी नजर रही है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के लोगों और प्रशासन को सफल चुनाव संचालन के लिए बधाई दी। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में यह ऐतिहासिक मील का पत्थर एक गर्व का क्षण है। एक करीबी दोस्त के रूप में, भारत नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर प्रगति और समृद्धि के नए स्तर छूने के लिए प्रतिबद्ध है। दूसरी ओर, अपनी हार स्वीकार करते हुए के.पी. शर्मा ओली ने भी बालेन को जीत की बधाई दी और उनके पांच साल के सफल कार्यकाल की कामना की।
पिछले 18 वर्षों में 14 सरकारें देख चुके नेपाल के लिए बालेन शाह की जीत स्थिरता की एक नई किरण लेकर आई है। मधेस क्षेत्र से लेकर काठमांडू घाटी तक, बालेन ने खुद को मधेस का बेटा और आधुनिक नेपाल का चेहरा बताकर लोगों का दिल जीता है। मधेस प्रांत की 32 सीटों में से अधिकांश पर आरएसपी आगे चल रही है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस युवा नेतृत्व पर हैं कि वे किस प्रकार नेपाल की जर्जर अर्थव्यवस्था और अस्थिर राजनीति को संभालते हैं।