Indore News: इंदौर में पीतल की किताब में दर्ज हुआ आयतुल्लाह खामेनेई का नाम, ईरान के सुप्रीम लीडर को समर्पित की खास कलाकृति
इंदौर: दुनिया भर में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी जा रही है. अब इंदौर में उन्हें पीतल की संविधान प्रति के साथ सुनहरी श्रद्धांजलि दी गई है. इजरायल ईरान और अमेरिका युद्ध के चलते हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन हुआ है. जिसके कारण भारतीय भी अपने तरीके से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं.
4 फीट ऊंची पीतल की पुस्तक तैयार की
इंदौर में पीतल की पुस्तक तैयार करने वाले संविधान विशेषज्ञ एवं एडवोकेट लोकेश मंगल ने 163 देश के चित्रमय संविधान की जो 4 फीट ऊंची पुस्तक तैयार की है उसमें ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अपने तरीके से श्रद्धांजलि अर्पित की गई है. इस पुस्तक में ईरान के ध्वज के अलावा राष्ट्रीय पशु, पुष्प और तमाम 31 प्रतीक चिन्ह का जिक्र है, जो ईरान से जुड़े हुए हैं.
किताब में 97 देश के संविधान को दर्शाया
एडवोकेट लोकेश मंगल ने दावा किया कि, यह पुस्तक दुनिया के 97 देश के संविधान को दर्शाने वाली 4 फीट लंबी पहली पुस्तक है जिसमें 6177 चित्रों से 97 देश के संविधान को दर्शाया गया है. उन्होंने बताया, ”यह पुस्तक इतनी भारी है कि इसे उठाने में कम से कम दो लोगों की मदद लेनी पड़ती है. उनके द्वारा वाल्मीकि रामायण भगवत गीता रूस का संविधान और 6 छंदों में वंदे मातरम पीतल पर तैयार किया गया है. वहीं, संविधान निर्माता डॉ. भीम राव अंबेडकर के निर्वाण दिवस पर पुरानी संसद को भी पीतल के पेज पर जन भागीदारी से उकेरा गया है.”
जन सहयोग से एकत्र हुई राशि
पीतल की पुस्तक तैयार करने के लिए एडवोकेट लोकेश मंगल द्वारा प्रतिव्यक्ति एक ₹1 इकट्ठे किए गए. जब इस तरह 42000 एकत्र हो गए तो पुस्तक तैयार करने वाले कारीगर को यह राशि सौंपी गई. उन्होंने बताया, ”पीतल की यह पुस्तक अब न केवल ईरान बल्कि भारत के लिए भी एक अंतरराष्ट्रीय धरोहर है.”
हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने महत्वपूर्ण बैठक
ईरान इजरायल और अमेरिका युद्ध के दौरान देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल पर हवाई सेवाओं की स्थिति, नई उड़ानों के संचालन तथा विमानों की संख्या में संभावित बढ़ोतरी और कुछ उड़ानों में कमी को लेकर विमान कंपनियों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में सांसद शंकर ललवानी ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में विमान कंपनियां इंदौर से अपने संचालन में कटौती न करें.
उन्होंने कहा कि, ”इंदौर की बढ़ती औद्योगिक, व्यापारिक एवं पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए यहां से देश के प्रमुख शहरों के लिए अधिक से अधिक उड़ानों का संचालन आवश्यक है.” इस दौरान सांसद ने विभिन्न विमान कंपनियों के अधिकारियों से इंदौर से नई विमान सेवाएं प्रारंभ करने तथा मौजूदा उड़ानों की संख्या बढ़ाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की. उन्होंने कहा कि, ”बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से इंदौर सहित पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र के व्यापार, उद्योग, पर्यटन और निवेश को नई गति मिलेगी.”