Nancy Grewal Murder Case: नैंसी की बहन का रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा, बोलीं- ‘दोस्त ने 15 दिन पहले ही दी थी चेतावनी’
कनाडा में पंजाबी इन्फ्लुएंसर, सिंगर और पेशे से नर्स रही नैंसी ग्रेवाल की हत्या के मामले में अब नए खुलासे सामने आए हैं। नैंसी की मां के बाद अब उसकी बहन अलीशा ने बताया कि नैंसी को पहले से अपनी जान को खतरा होने का अंदेशा था और इस बारे में उन्होंने कनाडा पुलिस को भी जानकारी दी थी। अलीशा के मुताबिक, नैंसी की हत्या पहले प्लान की गई थी। नैंसी ने पुलिस को कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी बताए थे। उन्होंने साफ कहा था कि अगर उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इन लोगों से पूछताछ की जाए। क्योंकि इन लोगों से उसकी जान को खतरा है।
दोस्त ने पहले ही दे दी थी चेतावनी
बहन ने बताया कि घटना से करीब 15 दिन पहले ही नैंसी के एक करीबी दोस्त ने उसे सावधान किया था। दोस्त ने कहा था कि कुछ लोग तुम्हारी हत्या की साजिश रच रहे हैं और उन्हें कुछ समय के लिए कहीं सुरक्षित जगह चले जाना चाहिए। हालांकि नैंसी ने यह कहकर इनकार कर दिया कि वह डरकर पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा था कि मौत भी मंजूर है, लेकिन वह चुप नहीं बैठेंगी।
मरीज को बचाने के लिए बंद किया दरवाजा
अलीशा के अनुसार, वारदात के दौरान नैंसी एक पैरालाइज मरीज की देखभाल कर रही थीं। उन्होंने अपने दोस्त से कहा था कि वह अपने क्लाइंट को अकेला नहीं छोड़ सकतीं। हमले के वक्त उन्होंने सबसे पहले मरीज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घर का दरवाजा बंद कर दिया, ताकि हमलावर अंदर आकर मरीज को नुकसान न पहुंचा सकें। बताया जा रहा है कि जिस घर में नैंसी मरीज की देखभाल कर रही थीं, उसी घर के बाहर मंगलवार (3 मार्च) को रात करीब 9 बजे नैंसी पर हमला किया गया।
हमलावरों से भिड़ीं नैन्सी
बहन के मुताबिक, नैंसी ने हमलावरों का डटकर सामना किया और वहां से निकलने की कोशिश भी की। लेकिन दोनों हमलावरों ने उन्हें घर के पीछे एक सुनसान जगह पर घेर लिया, जहां उस पर जानलेवा हमला कर दिया गया। जब हमलावरों ने नैंसी पर हमला किया तो वह घर की तरफ भागी लेकिन दरवाजा ऑटो लॉक हो चुका था। अगर इस दौरान दरवाजा बंद न होता शायद नैंसी घर अंदर चली जाती और बच जाती। वहीं अंदर मौजूद बुजुर्ग महिला पैरालाइज मरीज है जो दरवाजा नहीं खोल सकती थी। लेकिन उन्होंने पुलिस को फोन करके उसकी सूचना दी। इसी दौरान नैंसी घर के पीछे की तरफ भागी थी, जिसे पकड़ हमलावरों ने पेट में चाकू से 20 वार किए। उसकी आवाज बंद करने के लिए उसकी जीभ काट दी ताकि वह चिल्ला न सके। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची नैंसी का काफी खून बह चुका है और अस्पताल जाते समय एम्बुलेंस में ही उसने दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद से परिवार न्याय की मांग कर रहा है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
बहन अलीशा ने कई नए खुलासे किए हैं। अलीशा का कहना है कि सोशल मीडिया पर बेबाकी से अपनी राय रखना ही शायद नैन्सी की मौत की एक बड़ी वजह बन गया। नैन्सी अक्सर खालिस्तान समेत कई संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखती थीं। परिवार के लोग उन्हें कई बार सावधान रहने और ऐसे विषयों पर कम बोलने की सलाह देते थे। लेकिन नैन्सी का कहना था कि वह सच बोलने से पीछे नहीं हटेंगी। वह अक्सर कहती थीं कि अगर मौत भी आनी है तो आएगी, लेकिन वह खामोश नहीं रहेंगी।
जरूरी नहीं हत्या के पीछे केवल खालिस्तान समर्थकों का हाथ हो
अलीशा ने यह भी कहा कि हत्या के पीछे केवल खालिस्तान समर्थकों का हाथ होना जरूरी नहीं है। इस मामले में अन्य एंगल भी हो सकते हैं। उसने बताया कि, कुछ लोग बार-बार नैंसी से यह पूछते रहते थे कि उसका नॉमिनी कौन है और अपना सोना तथा अन्य कीमती सामान कहां रखा हुआ है। परिवार को शक है कि कुछ लोग उसकी मौत के बाद उसकी संपत्ति पर कब्जा करने की योजना बना रहे थे। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।
मां पहुंचे कनाडा
आज नैंसी के अंतिम संस्कार के लिए उसकी मां आज कनाडा पहुंचेगी। कनाडा पुलिस द्वारा सभी फॉर्मेलिटी पूरी होने के बाद ही नैंसी की शव परिवार वालों को मिलेगा।