Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dewas Firecracker Factory Blast: देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में मौतों का आंकड़ा हुआ 6, आरोपियों पर... Delhi Infrastructure: पीएम गतिशक्ति से मजबूत हुई दिल्ली की कनेक्टिविटी, 'इग्जेम्प्लर' श्रेणी में राज... LU Paper Leak Scandal: 'तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है', ऑडियो वायरल होने के बाद असिस्टेंट प्रोफे... Jaunpur News: सपा सांसद प्रिया सरोज की AI जेनरेटेड आपत्तिजनक फोटो वायरल, बीजेपी नेता समेत 2 पर FIR द... Kashmir Terror Hideout: बांदीपोरा में सुरक्षाबलों का बड़ा एक्शन, 'सर्च एंड डिस्ट्रॉय' ऑपरेशन में आतं... Delhi News: दिल्ली में सरकारी दफ्तरों का समय बदला, सीएम रेखा गुप्ता ने ईंधन बचाने के लिए लागू किए कड... Maharashtra IPS Transfer: महाराष्ट्र में 96 IPS अफसरों के तबादले, '12th Fail' वाले मनोज शर्मा बने मु... Aurangabad News: औरंगाबाद के सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़, टीसी देने के बहाने घर बुलाने का आर... Asansol Violence: आसनसोल में लाउडस्पीकर चेकिंग के दौरान बवाल, पुलिस चौकी पर पथराव और तोड़फोड़ Sabarimala Temple: सबरीमाला मंदिर के कपाट मासिक पूजा के लिए खुले, दर्शन के लिए वर्चुअल बुकिंग अनिवार...

WhatsApp New Rule 2026: आज से बदल गया व्हाट्सएप का नियम, फोन में सिम कार्ड नहीं होने पर तुरंत बंद होगा अकाउंट

अगर आप रोज सुबह उठते ही WhatsApp चेक करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. 1 मार्च से मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप के नियम में बड़ा बदलाव हो गया है. आज से नए SIM-Binding नियम लागू हो रहे हैं. इन नियमों के तहत अब आपको अपना व्हाट्सएप अकाउंट इस्तेमाल करने के लिए सिम कार्ड को फोन में रखना जरूरी होगा और आपकी सिम एक्टिव भी होना चाहिए. यानी आपका अकाउंट सीधे फोन में मौजूद सिम से जुड़ा रहेगा. यानी सिम हटाते ही अकाउंट ब्लैकआउट हो सकता है. यह कदम ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम कसने के मकसद से उठाया गया बताया जा रहा है.

क्या है SIM-Binding नियम?

नई व्यवस्था के मुताबिक WhatsApp अब सिर्फ मोबाइल नंबर नहीं बल्कि फोन में मौजूद फिजिकल सिम से भी जुड़ा रहेगा. पहले यूजर एक बार ओटीपी से वेरिफाई कर लेते थे और बाद में सिम हटाकर भी ऐप चला लेते थे. लेकिन SIM-Binding लागू होने के बाद सिस्टम समय-समय पर सिम की मौजूदगी चेक करेगा. अगर फोन में संबंधित सिम नहीं मिला तो अकाउंट अपने आप लॉगआउट हो सकता है. बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया बैकग्राउंड में ऑटोमैटिक तरीके से होती रहेगी.

इन यूजर्स पर पड़ेगा असर

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो लैपटॉप या डेस्कटॉप पर WhatsApp Web का इस्तेमाल करते हैं. अब वेब वर्जन को लंबे समय तक एक्टिव रखने के लिए प्राइमरी फोन में सिम का होना जरूरी हो जाएगा. इसी तरह लिंक्ड डिवाइस फीचर, जो पहले एक साथ कई डिवाइस पर काम करता था, अब ज्यादा सख्त निगरानी में रह सकता है. सेकेंडरी डिवाइस को चलाने के लिए प्राइमरी फोन का एक्टिव रहना अनिवार्य हो सकता है.

वाई-फाई टैबलेट यूजर्स की क्यों बढ़ी परेशानी

जो लोग बिना सिम वाले टैबलेट या सेकेंडरी फोन पर सिर्फ वाई-फाई के जरिए WhatsApp चलाते थे, उनके लिए यह बदलाव चुनौती बन सकता है. अब ऐसे यूजर्स को बार-बार प्राइमरी फोन से वेरिफिकेशन करना पड़ सकता है. इससे लगातार लॉगइन बनाए रखना मुश्किल हो सकता है. खासकर उन यूजर्स को ज्यादा परेशानी होगी जो अपना सिम अक्सर दूसरे फोन में इस्तेमाल करते हैं या टैबलेट पर चैटिंग पसंद करते हैं.

यूजर्स को क्या करना चाहिए

बताया जा रहा है कि यह कदम मेटा और भारत के दूरसंचार विभाग की सुरक्षा पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साइबर फ्रॉड पर रोक लगाना है. पिछले साल ऑनलाइन ठगी के मामलों में भारी नुकसान दर्ज किया गया था, जिसे देखते हुए यह सख्ती जरूरी मानी गई. यूजर्स के लिए सलाह है कि जिस नंबर पर व्हाट्सएप चलाते हैं, वही सिम उसी फोन में रखें और ऐप को तुरंत अपडेट करें. बार-बार सिम बदलने से अकाउंट लॉगआउट और डेटा सिंक की दिक्कत आ सकती है.