टी20 वर्ल्ड कप 2026 में गुरुवार 26 फरवरी का दिन भारतीय क्रिकेट टीम के लिए सबसे अहम होने वाला है. टीम इंडिया इस वर्ल्ड कप में अपने खिताब को बचाने और लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने के अभियान को जारी रख पाएगी या नहीं, इसकी तस्वीर इसी दिन साफ हो सकती है. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया को सुपर-8 राउंड के अपने दूसरे मुकाबले में जिम्बाब्वे से भिड़ना है, जहां उसके लिए जीत जरूरी है. मगर अपनी जीत से पहले टीम इंडिया के लिए वो 4 घंटे अहम होंगे, जहां उसे किस्मत के साथ की बेहद जरूरत है.
टीम इंडिया की नजर 1800 KM दूर
सुपर-8 राउंड के ग्रुप-1 में भारत और जिम्बाब्वे के बीच गुरुवार की शाम चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में टक्कर होगी. टीम इंडिया का इस वर्ल्ड कप में चेन्नई के मैदान पर ये पहला ही मैच होने जा रहा है. वहीं जिम्बाब्वे भी इस मैदान पर अपना पहला ही मैच खेलने उतरेगी. दोनों टीम के लिए सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए ये मैच जीतना और वो भी बड़े अंतर से जीतना जरूरी है क्योंकि अपने पहले ही मैच में भारत को साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को वेस्टइंडीज से करारी शिकस्त मिली थी.
मगर इस मैच से ठीक पहले और चेन्नई से करीब 1800 किलोमीटर दूर कुछ ऐसा होने वाला है, जिस पर भारतीय टीम और कम से कम भारतीय फैंस की तो नजरें रहेंगी. ये सब होगा अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में, जहां भारत-जिम्बाब्वे मैच से पहले ग्रुप-1 में ही साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज की टक्कर होगी. ग्रुप-1 की पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 पर बैठी इन दोनों टीम के लिए भी जीत जरूरी है लेकिन इनके अलावा इस मैच का नतीजा भारतीय टीम का भविष्य भी तय कर सकता है.
क्या कहते हैं ग्रुप-1 के समीकरण?
सिर्फ इतना ही नहीं, यहां तक कि टीम इंडिया तो इस मैच में साउथ अफ्रीका की ही जीत की दुआएं करेगी, जिसके हाथों उसे खुद करारी हार मिली थी. जी हां, सुपर-8 का समीकरण ही कुछ ऐसा बन गया है. बात ऐसी है कि अगर साउथ अफ्रीका ये मैच जीतती है और फिर टीम इंडिया भी अपने मैच में जिम्बाब्वे को हराती है तो सेमीफाइनल का फैसला फिर भारत-वेस्टइंडीज के बीच आखिरी मैच में होगा. रिकॉर्ड को देखते हुए टीम इंडिया यहां जीत की दावेदार होगी और ऐसी स्थिति में सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी.
वहीं, अगर इस मैच में वेस्टइंडीज को जीत मिलती है तो फिर भारतीय टीम की राह मुश्किल हो जाएगी. ऐसा इसलिए क्योंकि साउथ अफ्रीका का आखिरी मैच फिर जिम्बाब्वे से होगा और इसमें साउथ अफ्रीका का पलड़ा ही स्वाभाविक तौर पर भारी रहेगा. ऐसे में वेस्टइंडीज ये मैच जीतती है, टीम इंडिया अपने मैच में जिम्बाब्वे को हराती है और फिर आखिरी मुकाबलों में साउथ अफ्रीका और टीम इंडिया की जीत होती है तो भारत, वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका 4-4 पॉइंट्स की बराबरी पर होंगे और फैसला नेट रनरेट से होगा, जहां टीम इंडिया फिलहाल बुरी तरह पिछड़ी हुई है.