आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल में गट हेल्थ एक आम समस्या बनती जा रही है. अनियमित खान-पान, प्रोसेस्ड फूड, स्ट्रेस और नींद की कमी इसके कुछ अहम कारण हैं. अगर आपकी लाइफस्टाइल भी कुछ ऐसी ही है तो गैस, एसिडिटी, और कॉन्सिटिपेशन होना आम है. गट हेल्थ बिगड़ने पर पेट तो खराब रहता ही है. साथ ही मूड भी अपसेट रहता है. ऐसे में जरूरी है कि गट हेल्थ को जल्दी ही बेहतर किया जाए. इसके लिए आप एक हेल्दी और प्लान डाइट का सहारा ले सकते हैं. फर्मेंटेड फूड को गट हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. लेकिन इसके साथ भी कुछ ऐसी चीजें और खाने की सही टाइमिंग जोड़ दी जाए तो गट हेल्थ को बेहतर बनाया जा सकता है.
अगर आपकी भी गट हेल्थ ज्यादातर बिगड़ी हुई रहती है तो ये आर्टिकल आपके लिए है. इसमें हम आपको बताएंगे कि, कैसे पास बैलेंस डाइट, फर्मेंटेड फूड और मील की पूरी प्लानिंग करके अपनी बिगड़ी हुई गट हेल्थ को बिना किसी दवाई के ठीक कर सकते हैं.
क्या होती है गट हेल्थ?
गट हेल्थ का मतलब हमारी पाचन तंत्र (आंतों) की सेहत से है, जहां अच्छे-बुरे बैक्टीरिया का बैलेंस रहता है. गलत खान-पान, ज्यादा जंक फूड, तनाव, नींद की कमी, एंटीबायोटिक दवाओं का ज्यादा सेवन और कम फाइबर लेने से गट हेल्थ खराब हो जाती है. गट हेल्थ बिगड़ने पर गैस, कब्ज, एसिडिटी, पेट फूलना, कमजोरी, इम्युनिटी कम होना, त्वचा की समस्याएं और मूड स्विंग्स जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.
दिन की शुरुआत को रखें सिंपल
दिन की शुरुआत करने के लिए आप हल्का गुनगुना पानी पिएं. ये पेट को साफ करने में मदद करता है. इसके अलावा हर दिन एक ही समय पर नाश्ता करें. ब्रेकफास्ट में आप थोड़ी मात्रा में फर्मेंटेड फूड ले सकते हैं, जिससे बॉडी का रिदम बना रहता है. हालांकि, इसे कम ही मात्रा में लें. ताकि पेट पर अचानक लोड न पड़ें. नाश्ते में आप दही, छाछ या इडली डोसी खा सकते हैं. ये कुछ ऐसे फर्मेंटेड फूड हैं, जिसमें प्रोबायिटक्स होता है. जो आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को एक्टिव करने में मदद करता है.
लंच में लें बैलेंस डाइट
लंच में बहुत से लोगों को हैवी मील पसंद होती हैं. लेकिन अगर आपकी गट हेल्थ बिगड़ी हुई है तो दोपहर में हल्का खाना ही बेहतर है. इसमें आप दाल-रोटी, सलाद और छाछ जैसी चीजें ले सकते हैं. साथ ही फाइबर और प्रोटीन से भरपूर चीजें खाएं. ये पेट में भारीपन फील नहीं कराते हैं और पेट को लंबे समय तक भरा भी रखते हैं.
डिनर हल्का और गट-फ्रेंडली रखें
रात के खाने में बहुत भारी या ज्यादा मसालेदार खाने से बचें. इसके लिए सूप, सब्ज़ी और थोड़ी मात्रा में दही जैसे फर्मेंटेड फूड ले सकते हैं. ये पाचन को आसान बनाते हैं. वहीं, रात का खाना 7 बजे तक कर लें. क्योंकि हल्का डिनर आंतों को रात में रिपेयर होने का समय देता है, जिससे सुबह पेट साफ रहता है. इसलिए आप जितना जल्दी खाएं आंतों को रिपेयर होने के लिए उतना ज्यादा समय बचेगा.