Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Devendra Pradhan Death Anniversary: पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रधान को राजनाथ सिंह ने दी श्रद्... दिल्ली की सड़कों पर अब नहीं दिखेंगे भिखारी! पुलिस का 'सीक्रेट' मास्टर प्लान तैयार; ट्रैफिक जाम और अव... Arvind Kejriwal Documentary: अरविंद केजरीवाल की जेल यात्रा पर बनी फिल्म ने कार्यकर्ताओं को किया भावु... "राजनीति में कोई रिटायर नहीं होता!"—खरगे के विदाई भाषण पर गूंजा सदन; पीएम मोदी ने भी बांधे तारीफों क... 'मौत के मुंह' से निकलकर भारत पहुंचा जग लाडकी! UAE में हमले के बाद समुद्र में छिड़ा था हाई-वोल्टेज ड्... हिमाचल में सुक्खू सरकार का 'बड़ा सर्जिकल स्ट्राइक'! मंत्रियों के सलाहकारों और बोर्ड अध्यक्षों के 'कै... यमुना की लहरों पर अब दिल्ली सरकार का 'VIP पहरा'! करोड़ों की लागत से खरीदी जा रही 2 हाई-टेक नावें; प्... शादी में 'मिठाई के डिब्बे' से निकला खौफनाक तोहफा! गिफ्ट खोलते ही चीख पड़ा दूल्हा; मेहमानों के उड़ गए... Jharkhand Jawan Suicide: झारखंड के चतरा में तैनात जवान ने की आत्महत्या, सर्विस रिवॉल्वर से खुद को भु... Nepal Helicopter Crash: नेपाल के खोटांग में बड़ा हादसा, लैंडिंग के समय क्रैश हुआ हेलीकॉप्टर; घायलों ...

अलंकार अग्निहोत्री ने राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा बनाया

शंकराचार्य के समर्थन में नौकरी से त्यागपत्र देने वाले का एलान

राष्ट्रीय खबर

लखनऊः उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में अपनी पहचान रखने वाले पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अब लोक-सेवा के नए आयाम को चुन लिया है। सोमवार को कान्हा की नगरी वृंदावन में एक गरिमामयी आयोजन के दौरान, उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) के गठन की विधिवत घोषणा की। श्री हरिदास धाम आश्रम में आयोजित इस प्रेस वार्ता में अग्निहोत्री ने न केवल अपनी पार्टी के नाम का खुलासा किया, बल्कि भविष्य के राजनीतिक रोडमैप की भी झलक दिखाई।

अलंकार अग्निहोत्री का नाम उस समय चर्चा के केंद्र में आया था, जब उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर रहते हुए अपने पद से इस्तीफा देने का साहसी निर्णय लिया था। यह इस्तीफा तब हुआ था जब वे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवादों और यूजीसी के नवीन नियमों के क्रियान्वयन से संबंधित जटिलताओं के बीच अपनी कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में रहे थे।

उस विवादास्पद मोड़ के बाद ही राजनीतिक विश्लेषकों ने यह भांप लिया था कि अग्निहोत्री जल्द ही किसी बड़े राजनीतिक कदम की तैयारी कर रहे हैं। सरकारी सेवा का परित्याग करने के बाद, उन्होंने जनसेवा के लिए अब सीधे चुनावी राजनीति को अपना जरिया बनाया है।

अपनी पार्टी के नाम राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) के बारे में चर्चा करते हुए, अलंकार अग्निहोत्री ने इसके सांस्कृतिक और वैचारिक आधार को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का विजन केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के आदर्शों को शासन प्रणाली में समाहित करना है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा, हमारी पार्टी का नाम ही नहीं, बल्कि हमारा संपूर्ण दर्शन भगवान श्री राम के न्याय और भगवान श्री कृष्ण की नीति के समन्वय पर आधारित होगा। अग्निहोत्री का यह रुख स्पष्ट संकेत देता है कि वे आने वाले समय में हिंदुत्व और सामाजिक अधिकार की राजनीति को एक नया प्लेटफॉर्म देने की कोशिश करेंगे।

बांके बिहारी की पावन नगरी वृंदावन से अपनी नई राजनीतिक यात्रा की शुरुआत करने के पीछे अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी गहरी आस्था को कारण बताया। उन्होंने कहा कि वृंदावन की भूमि ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत है, और यहाँ से ली गई प्रतिज्ञा उनके लिए सौभाग्य और पवित्रता का प्रतीक है।

मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि वे आने वाले समय में जनता के बीच जाकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एक वृहद आंदोलन खड़ा करेंगे, जिसकी धुरी राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा होगी। अलंकार अग्निहोत्री के इस कदम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए ध्रुव को जन्म दे दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि एक पूर्व नौकरशाह का यह अधिकार मोर्चा धरातल पर जनता के बीच कितनी स्वीकार्यता हासिल कर पाता है।