Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Mamata Banerjee X Bio: ममता बनर्जी ने X (Twitter) पर बदला अपना बायो; वकील शब्द जोड़कर बीजेपी को दिया... Noida Pollution Control: नोएडा में ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ शुरू; CAQM की फ्लाइंग स्क्वॉड ने 19 टीमों के स... वैज्ञानिकों ने लैब में विकसित इंसुलिन कोशिकाएं, देखें वीडियो Jabalpur Murder Case: जबलपुर में महिला की नृशंस हत्या; आंखें निकालीं, दांत तोड़े और शव को फांसी पर ल... Noida Crime News: नोएडा में टूर पैकेज के नाम पर करोड़ों की ठगी; रेंजर्स क्लब के 3 डायरेक्टर गिरफ्तार... Hapur Violence: हापुड़ में महाराणा प्रताप शोभायात्रा के दौरान पथराव और तोड़फोड़; कई लोग घायल, भारी प... Kota Hospital Tragedy: कोटा में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 2 और महिलाओं की हालत नाजुक; अब तक 2 की मौत स... Mamata Banerjee News: "मैं खुद एक वकील हूं..."— ममता बनर्जी ने बीजेपी के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक जं... Delhi News: दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय पर आतंकी हमले का अलर्ट; बढ़ाई गई सुरक्षा, चप्पे-चप्पे पर पुलि... डीआरडीओ की स्वदेशी तकनीक का नया कमाल सामने

पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल राय का अंतिम संस्कार

शुरु से अंत तक कार्यक्रम में मौजूद रहे अभिषेक बनर्जी

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः सोमवार शाम हलिशहर के श्मशान घाट में मुकुल रॉय का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इससे पहले, विधानसभा से उनका पार्थिव शरीर कांचरापाड़ा स्थित उनके आवास युगल भवन लाया गया। वहां कुछ समय के लिए शव को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के সর্বभारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी उपस्थित थे।

युगल भवन से हलिशहर श्मशान घाट तक की लगभग आठ किलोमीटर की दूरी तक मुकुल रॉय की अंतिम यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में अभिषेक बनर्जी खुद पैदल चलते हुए श्मशान घाट तक पहुंचे। उनके साथ मुकुल के पुत्र शुभ्रांशु रॉय भी मौजूद थे। अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया के दौरान अभिषेक बनर्जी वहां डटे रहे।

उनके अलावा इस अंतिम विदाई में पानीहाटी के विधायक निर्मल घोष, नैहाटी के विधायक सनत डे, नेता निर्मल मांझी, शिउली साहा और बैरकपुर के सांसद पार्थ भौमिक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। शाम करीब सवा सात बजे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई।

बंगाल की राजनीति में चाणक्य के नाम से मशहूर मुकुल रॉय का रविवार देर रात निधन हो गया। वे लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और बाइपास स्थित एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां दिल का दौरा पड़ने से उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही उनके घर के बाहर समर्थकों और राजनीतिक हस्तियों का तांता लग गया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मुकुल रॉय को अपना पुराना राजनीतिक साथी बताते हुए उनके पुत्र को सांत्वना दी। ममता ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वे इस अचानक हुई मौत से स्तब्ध हैं। उन्होंने याद किया कि कैसे मुकुल रॉय ने तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के समय से लेकर हर राजनीतिक संघर्ष में योद्धा की तरह साथ दिया था।

गौरतलब है कि 1997 में तृणमूल के गठन के समय मुकुल रॉय ही पार्टी के पहले अखिल भारतीय महासचिव थे। हालांकि, बाद में राजनीतिक मतभेदों के चलते उन्होंने 2017 में भाजपा का दामन थाम लिया था, जिसे ममता बनर्जी ने अपने शोक संदेश में अलग रास्ता चुनना बताया।