कवर्धा: कबीरधाम जिले के खड़ौदा निवासी हरी राम साहू ने समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के समक्ष अपने शरीर दान की घोषणा की. उन्होंने कवर्धा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई और शोध कार्य के लिए अपना शरीर दान करने का संकल्प लिया.
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने हरी राम साहू के इस निर्णय की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह कदम समाज में सेवा, मानवता और जागरूकता का बड़ा संदेश देता है. उन्होंने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए साहू को बधाई दी और अन्य लोगों से भी ऐसे जनहितकारी कार्यों के लिए आगे आने की अपील की.
शरीर दान का महत्व
शरीर दान चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर बनने वाले विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना को समझने के लिए वास्तविक अध्ययन की आवश्यकता होती है. शरीर दान से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान मिलता है, जिससे वे भविष्य में बेहतर और कुशल चिकित्सक बन पाते हैं.
शरीर दान से मिलने वाले लाभ
शरीर दान का सबसे बड़ा लाभ चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को मिलता है. इससे मेडिकल छात्रों को एनाटॉमी की गहन जानकारी प्राप्त होती है. इससे नई चिकित्सा तकनीकों और उपचार पद्धतियों के विकास में मदद मिलती है. इसके अलावा, यह समाज के प्रति अंतिम समय तक सेवा का एक श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है.
लोगों में जागरूकता का संदेश
हरी राम साहू का यह निर्णय समाज में अंगदान और शरीर दान को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश देता है अक्सर जानकारी के अभाव और सामाजिक झिझक के कारण लोग इस विषय पर आगे नहीं आते, लेकिन ऐसे उदाहरण लोगों को प्रेरित करते हैं कि मृत्यु के बाद भी मानव जीवन समाज के काम आ सकता है.