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Website Cookies Alert: ‘Accept Cookies’ पर क्लिक करना प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा

इंटरनेट चलाते समय हम में से ज्यादातर लोग वेबसाइट खुलते ही Accept Cookies या Reject पर बिना सोचे क्लिक कर देते हैं. हमें लगता है कि यह सिर्फ औपचारिकता है, लेकिन असल में यह आपकी डिजिटल प्राइवेसी से जुड़ा बड़ा फैसला होता है. कुकीज के जरिए वेबसाइट्स आपकी पसंद, सर्च हिस्ट्री और ऑनलाइन व्यवहार को ट्रैक कर सकती हैं. कई बार ये डेटा विज्ञापन कंपनियों और थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म्स तक भी पहुंचता है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि Accept या Reject करना कितना सही है और कब क्या चुनना चाहिए

आखिर Cookies होती क्या हैं

Cookies छोटी-छोटी टेक्स्ट फाइल्स होती हैं जो किसी वेबसाइट पर विजिट करने पर आपके ब्राउजर में सेव हो जाती हैं. इनका काम आपकी लॉगिन जानकारी, भाषा पसंद और वेबसाइट सेटिंग्स को याद रखना होता है ताकि अगली बार साइट तेजी से खुले और आपको बार-बार डिटेल न भरनी पड़े. हर Cookie खतरनाक नहीं होती. कुछ Cookies जरूरी होती हैं जो वेबसाइट को सही तरीके से चलाने के लिए अनिवार्य होती हैं. लेकिन कुछ ट्रैकिंग या थर्ड पार्टी Cookies आपके ऑनलाइन व्यवहार को रिकॉर्ड करती हैं, जिससे आपकी डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जा सकती है.

Accept करने से क्या जोखिम है?

जब आप सभी Cookies को Accept कर देते हैं, तो वेबसाइट को आपके ब्राउजिंग पैटर्न, लोकेशन और पसंदीदा कंटेंट की जानकारी मिल सकती है. इससे आपको पर्सनलाइज्ड विज्ञापन दिखाए जाते हैं, लेकिन इसके साथ डेटा शेयरिंग का खतरा भी जुड़ा होता है. कई बार यह जानकारी थर्ड पार्टी कंपनियों के पास भी पहुंच जाती है. अगर वेबसाइट सुरक्षित न हो या डेटा लीक हो जाए, तो आपकी निजी जानकारी गलत हाथों में जा सकती है. इसलिए बिना पढ़े Accept करना समझदारी नहीं मानी जाती.

क्या हर बार Reject करना सही है

कई लोग प्राइवेसी के डर से हर वेबसाइट पर Cookies Reject कर देते हैं. हालांकि इससे आपकी ट्रैकिंग कम हो सकती है, लेकिन कुछ वेबसाइट्स ठीक से काम नहीं कर पातीं. लॉगिन बार-बार करना पड़ सकता है या कुछ फीचर्स सीमित हो सकते हैं. सबसे बेहतर तरीका यह है कि आप Manage Settings या Customize विकल्प चुनें. इससे आप केवल जरूरी Cookies को अनुमति दे सकते हैं और ट्रैकिंग या मार्केटिंग Cookies को बंद कर सकते हैं. यह बैलेंस और सुरक्षित तरीका माना जाता है.

सुरक्षित रहने का सही तरीका

ऑनलाइन प्राइवेसी बनाए रखने के लिए ब्राउजर सेटिंग्स में जाकर Cookie कंट्रोल को समझना जरूरी है. आप चाहें तो थर्ड पार्टी Cookies को स्थायी रूप से ब्लॉक कर सकते हैं. समय-समय पर ब्राउजिंग हिस्ट्री और Cookies को क्लियर करना भी अच्छा उपाय है. साथ ही भरोसेमंद वेबसाइट्स पर ही अपनी जानकारी साझा करें और संदिग्ध साइट्स से बचें. डिजिटल दुनिया में एक छोटा सा क्लिक भी बड़ा असर डाल सकता है. इसलिए अगली बार Accept या Reject करने से पहले एक पल रुककर जरूर सोचें.