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नाइजीरिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती

सेना प्रमुख ने कहा वे प्रशिक्षण पर ध्यान देंगे

अबुजाः नाइजीरियाई सैन्य मुख्यालय ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि आगामी हफ्तों में आने वाले लगभग 200 अमेरिकी सैनिक किसी भी प्रत्यक्ष युद्ध या सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेंगे। नाइजीरियाई रक्षा विभाग के अनुसार, इन विदेशी सैनिकों की भूमिका पूरी तरह से प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता तक सीमित होगी। सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल समैला उबा ने जोर देकर कहा कि नाइजीरियाई सुरक्षा बल सभी सुरक्षा निर्णयों पर अपना पूर्ण नियंत्रण बनाए रखेंगे और देश की संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

यह स्पष्टीकरण अमेरिकी पेंटागन के उस बयान के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देशों के बाद इस्लामी चरमपंथियों से लड़ने के लिए नाइजीरियाई बलों को प्रशिक्षित करने हेतु सैनिकों की एक टुकड़ी भेजी जा रही है। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही अमेरिकी सेना ने नाइजीरिया में एक छोटी टीम की मौजूदगी की पुष्टि की थी, जो क्रिसमस के दिन किए गए हवाई हमलों के बाद वाशिंगटन की पहली आधिकारिक स्वीकारोक्ति थी।

मेजर जनरल उबा ने बताया कि नाइजीरियाई सरकार ने विशेष रूप से तकनीकी प्रशिक्षण और सलाहकार कार्यों के लिए अमेरिकी विशेषज्ञों की मांग की थी। उन्होंने स्पष्ट किया, ये कर्मी लड़ाकू क्षमता में सेवा नहीं देते हैं और न ही वे प्रत्यक्ष परिचालन भूमिका निभाएंगे। नाइजीरियाई सेना के पास पूर्ण कमान का अधिकार है, हम सभी परिचालन निर्णय लेते हैं और नाइजीरियाई क्षेत्र में होने वाले सभी मिशनों का नेतृत्व हमारे द्वारा ही किया जाएगा।

हालांकि उन्होंने सुरक्षा कारणों से सैनिकों के आगमन की सटीक तारीख बताने से इनकार कर दिया, लेकिन यह पुष्टि की कि यह तैनाती यूएस-नाइजीरिया संयुक्त कार्य समूह के तहत चल रहे सहयोग का हिस्सा है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने पश्चिम अफ्रीकी राष्ट्र पर उत्तर-पश्चिम में इस्लामी आतंकवादियों से ईसाइयों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। हालांकि, नाइजीरियाई सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।

नाइजीरिया का तर्क है कि उनके सुरक्षा बल उन सशस्त्र समूहों को निशाना बना रहे हैं जो ईसाइयों और मुसलमानों दोनों पर समान रूप से हमला करते हैं। नाइजीरिया वर्तमान में कई सुरक्षा मोर्चों पर संघर्ष कर रहा है। उत्तर-पूर्व में यहाँ एक दशक से अधिक समय से इस्लामी विद्रोह सक्रिय है, जिसमें अब तक 35,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

उत्तर-पश्चिम में यहाँ सशस्त्र अपहरणकर्ता गिरोह फिरौती के लिए बड़े पैमाने पर स्कूलों और गांवों को निशाना बना रहे हैं। मध्य क्षेत्र में किसानों और चरवाहों के बीच भूमि और संसाधनों को लेकर घातक जातीय-धार्मिक संघर्ष जारी है। अमेरिकी सैनिकों का मुख्य कार्य इन जटिल परिस्थितियों में नाइजीरियाई सैनिकों के खुफिया तंत्र और युद्ध कौशल को आधुनिक बनाना होगा, ताकि वे स्थानीय स्तर पर आतंकवाद का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकें।