Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
हत्या के मामले में चार पुलिस अफसर सहित आठ गिरफ्तार राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले नये पीएम आर्मेनिया की शीर्ष अदालत का चुनाव खारिज करने से इंकार जापान में भालू के हमले में एक और संदिग्ध मौत माली के सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमला किया ग्रीस के थेसालोनिकी में भीषण दावानल का कहर Greater Noida Robbery: ग्रेटर नोएडा की पॉश सोसायटी में दिनदहाड़े 15 लाख की लूट, सुरक्षा पर उठे सवाल Baruipur Case: बारुईपुर हत्याकांड पर सियासी घमासान, ममता बनर्जी के आवास के बाहर केंद्रीय बल तैनात Kanpur Road Accident: बर्रा एलिवेटेड रोड पर दर्दनाक हादसा, ट्रैफिक सिपाही और ट्रक ड्राइवर की मौत Dehradun Crime News: मामूली एक्सीडेंट के बाद युवक का अपहरण, रातभर बंधक बनाकर दिया थर्ड डिग्री टॉर्चर

अमेरिका ने ईरानी आत्मघाती ड्रोन को मार गिराया

अरब सागर में सैन्य संघर्ष की आशंका और बढ़ गयी

दुबई: अरब सागर के रणनीतिक अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव उस समय अपने चरम पर पहुंच गया, जब अमेरिकी नौसेना ने एक ईरानी आत्मघाती ड्रोन को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया। इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही जारी अस्थिरता को और अधिक गंभीर बना दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर संकट गहरा गया है।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय, पेंटागन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह मुठभेड़ तब शुरू हुई जब एक ईरानी निर्मित मानवरहित हवाई वाहन, जिसे आत्मघाती ड्रोन के रूप में पहचाना गया, अमेरिकी विमानवाहक पोत के सुरक्षा घेरे में प्रवेश कर गया। अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमान ने तुरंत मोर्चा संभाला।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी कमांडरों ने रेडियो संचार के माध्यम से ड्रोन को बार-बार पीछे हटने की चेतावनी दी थी। जब ड्रोन ने अपना रास्ता बदलने के बजाय विमानवाहक पोत की ओर बढ़ना जारी रखा, तो अमेरिकी विमान ने सेल्फ डिफेंस के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उसे मार गिराया। अधिकारियों ने इसे एक साहसी उकसावा करार दिया है।

ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सैन्य बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन तेहरान के आंतरिक सूत्रों का कहना है कि वे इस कार्रवाई को अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में उनके अधिकारों का उल्लंघन मान रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि यह ड्रोन हमला संभवतः अमेरिकी बेड़े की रडार क्षमताओं और प्रतिक्रिया समय को आंकने के लिए किया गया एक सर्विलांस टेस्ट हो सकता है।

इस सैन्य टकराव की खबर फैलते ही वैश्विक तेल बाजारों में हलचल शुरू हो गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के कुल तेल व्यापार के एक-तिहाई हिस्से का मार्ग है, इस तनाव के केंद्र के बेहद करीब है। यदि यह टकराव बढ़ता है, तो तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है ताकि क्षेत्र को एक और पूर्ण युद्ध की ओर धकेले जाने से बचाया जा सके।

पेंटागन ने स्पष्ट किया है कि वे इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त युद्धपोतों और निगरानी उपकरणों की तैनाती पर विचार कर रहे हैं। आने वाले कुछ घंटे और दिन यह तय करेंगे कि यह घटना एक छिटपुट मुठभेड़ बनकर रह जाएगी या खाड़ी क्षेत्र में एक बड़े सैन्य संघर्ष का आधार बनेगी।